रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी
रामनगर (बाराबंकी)। सुढ़ियामऊ रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार को रेलवे ट्रैक किनारे करीब 28 वर्षीय अज्ञात युवक का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पहचान न होने पर शव को मर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। प्रारंभिक जांच में युवक की मौत ट्रेन की चपेट में आने से होने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।मामला केवल एक शव मिलने तक सीमित नहीं है। तहसील क्षेत्र में बीते एक सप्ताह के भीतर रेलवे ट्रैक के किनारे दो अज्ञात शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों मामलों में अब तक मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है।
ट्रैक पर मिल रहे अज्ञात शवों का सिलसिला, हादसा मानकर कब तक बंद होंगी फाइलें?
अक्सर शव इतने क्षत-विक्षत मिलते हैं कि उनकी शिनाख्त करना भी मुश्किल हो जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अधिकांश मौतें ट्रेन हादसों में हो रही हैं तो मृतकों के पास यात्रा टिकट, पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज क्यों नहीं मिलते। जिन शवों की पहचान होती भी है, वे अक्सर दूसरे जिलों या राज्यों के लोगों के निकलते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि वे इस इलाके तक किन परिस्थितियों में पहुंचे।क्षेत्र में लगातार मिल रहे अज्ञात शवों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी हैं। कुछ लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं हत्या के बाद शवों को रेलवे ट्रैक के किनारे फेंककर दुर्घटना का रूप तो नहीं दिया जा रहा। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रत्येक मामले की जांच उपलब्ध साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाती है तथा बिना ठोस प्रमाण किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता।जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल पोस्टमार्टम ही नहीं, बल्कि सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डीएनए जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों का भी व्यापक इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इससे मृतकों की पहचान और मौत के वास्तविक कारणों तक पहुंचना आसान हो सकेगा।फिलहाल, लगातार मिल रहे अज्ञात शवों ने क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया है। स्थानीय लोगों ने इन घटनाओं की गहन और निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।
























