शाहजहाँपुर :- उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में सरकारी गेहूँ खरीद और उसके स्टॉक ट्रांसफर में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। ‘यू० पी० को-ऑपरेटिव यूनियन लि०’ (PCU) के जिला प्रबंधक द्वारा जारी एक पत्र से विभाग में हड़कंप मच गया है। मोबाइल केंद्र ‘एस०एस०लि० सिगाह यूसुफपुर’ के प्रभारी राकेश चन्द्र पर वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की लगातार अवहेलना करने और खरीदे गए गेहूँ को भारतीय खाद्य निगम (FCI) के डिपो में शत-प्रतिशत डिलीवर न करने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला? रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत इस केंद्र द्वारा कुल 110.010 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीद दिखाई गई थी। केंद्र द्वारा यह पूरा स्टॉक डिलीवर करने का दावा तो किया गया, लेकिन FCI डिपो द्वारा केवल 103.410 मीट्रिक टन गेहूँ ही स्वीकृत किया गया है।
6.60 मीट्रिक टन गेहूँ का अंतर केंद्र पर अभी भी 6.60 मीट्रिक टन (लगभग 66 क्विंटल) गेहूँ का स्टॉक अवशेष दिख रहा है, जिसे डिपो तक नहीं पहुँचाया गया है। यह सीधे तौर पर सरकारी नियमों का उल्लंघन है।
‘गबन’ की आशंका बरेली संभाग के संभागीय खाद्य नियंत्रक और लखनऊ मुख्यालय के प्रबंध निदेशक ने इस ढिलाई पर अत्यंत रोष (गुस्सा) व्यक्त किया है। उच्चाधिकारियों की बैठक में इस तरह की लापरवाही को सीधे तौर पर ‘गेहूँ सांभर का गबन / अपहरण’ मानते हुए भौतिक सत्यापन के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
2 दिन का अल्टीमेटम, होगी ‘FCI’ और कानूनी कार्रवाई जिला प्रबंधक, पी०सी०यू० शाहजहाँपुर ने केंद्र प्रभारी राकेश चन्द्र को यह ‘द्वितीय नोटिस’ जारी करते हुए सख्त चेतावनी दी है: 48 घंटे की मोहलत: अगले दो कार्यदिवसों के भीतर शेष 6.60 मीट्रिक टन गेहूँ का ऑनलाइन मूवमेंट चालान जारी कर डिपो से स्वीकृत कराना होगा।
तत्काल वैधानिक कार्रवाई: यदि तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो केंद्र के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। स्टॉक में थोड़ी भी अनियमितता या कमी पाए जाने पर केंद्र प्रभारी के खिलाफ तत्काल कानूनी व वैधानिक कार्रवाई (FIR) की संस्तुति कर दी जाएगी।