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पंचायत सचिवों की असमान तैनाती से विकास कार्य प्रभावित, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

रिपोर्ट/नारद संवाद न्यूज़ एजेंसी

रामनगर (बाराबंकी)। प्रदेश सरकार जहां ग्राम पंचायतों के समग्र विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है, वहीं जिले के विभिन्न विकास खंडों में पंचायत सचिवों की तैनाती को लेकर असंतुलन के आरोप सामने आ रहे हैं। कई ब्लॉकों में पंचायत सचिवों की कमी के कारण विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है और ग्रामीणों को जरूरी प्रमाणपत्रों व अन्य सेवाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार जनपद के कुछ विकास खंडों में पंचायत सचिवों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, जबकि कुछ ब्लॉकों में उनकी तैनाती अधिक बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सूरतगंज, दरियाबाद और बनीकोडर विकास खंडों में पंचायत सचिवों की कमी महसूस की जा रही है। वहीं रामनगर, मसौली, बंकी और हरख ब्लॉक में अपेक्षाकृत अधिक पंचायत सचिव तैनात होने की चर्चा है।पंचायत सचिवों की कमी का असर ग्राम पंचायतों के दैनिक कार्यों पर पड़ रहा है। परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने सहित विभिन्न प्रशासनिक कार्य समय से नहीं हो पा रहे हैं। ग्रामीणों को कई बार ब्लॉक और पंचायत कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायतों में सचिवों की उपलब्धता के अनुसार कार्यभार का संतुलित वितरण किया जाना चाहिए, ताकि विकास योजनाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके और आम जनता को समय पर सुविधाएं मिल सकें।हालांकि, पंचायत सचिवों की तैनाती और संख्या को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि सभी विकास खंडों में आवश्यक संख्या में पंचायत सचिव उपलब्ध नहीं होंगे तो ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों और जनसेवाओं का प्रभावी संचालन कैसे सुनिश्चित हो सकेगा।

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