रिपोर्ट/विवेक शुक्ला

रामनगर, बाराबंकी। लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संजय सेतु के जीर्णोद्धार का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से चल रहे मरम्मत कार्य में बिटुमिनस कंक्रीट (बीसी) बिछाने का कार्य बुधवार को पूरा कर लिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार 10 जून तक सेतु को सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन के लिए खुलने की संभावना जताई जा रही हैं।तहसील क्षेत्र में दो जनपदों को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण सेतु लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। इसके चलते राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लगातार उठ रही जन मांग और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद शासन ने सेतु के जीर्णोद्धार के लिए धनराशि स्वीकृत की थी।प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा के निर्देशन में करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से सेतु के जॉइंट, अप्रोच मार्ग तथा अन्य क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई गई। लगभग 1200 मीटर लंबे सेतु की लोहे की रेलिंग और बाउंड्री वॉल को भी दुरुस्त किया गया है। बुधवार को बाउंड्री वॉल की पेंटिंग का कार्य भी पूरा कर लिया गया।सेतु पर नई डामर सड़क तैयार कर दी गई है। बीसी बिछाने का कार्य ठेकेदार यासिर की देखरेख में अभियंताओं की उपस्थिति में पेवर मशीन और रोलर के माध्यम से कराया गया। निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है।राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सद्दाम ने बताया कि मरम्मत कार्य निर्धारित समय के अनुसार तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीसी का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर लिए जाएंगे। 10 जून तक सेतु पूरी तरह तैयार हो जाने की संभावना है, जिसके बाद छोटे-बड़े सभी वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया जाएगा।सेतु के चालू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राहत मिलेगी और लखनऊ-बहराइच मार्ग पर यातायात भी सुचारु हो सकेगा। फिलहाल छोटे वाहनों का आवागमन के लिए प्लाटून पुल बनाया गया था भारी वाहनों पर पूर्णतया रोक लगी हैं। संजय सेतु पर आवागमन शुरू होने से व्यपारियो समेत अन्य लोगो को राहत मिलेगी।































