रिपोर्ट :-राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी (देवाशरीफ) :- विश्व प्रसिद्ध देवा शरीफ की सरज़मीं, जो “जो रब है वही राम” के संदेश से पूरी दुनिया को आपसी सौहार्द का पाठ पढ़ाती है, वहीं अब कथित अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। आरोप है कि पार्किंग स्थल से बाहर सड़क किनारे या फुटपाथ पर कुछ देर वाहन रोकते ही वसूली करने वाले युवक टोकन लेकर पहुंच जाते हैं और वाहन खड़ा किए बिना भी पैसे की मांग करते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह वसूली किसके आदेश पर हो रही है और इसका टेंडर किसके नाम है? हैरानी की बात यह है कि वसूली की पर्चियों पर ठेकेदार का नाम और संपर्क नंबर तक दर्ज नहीं मिला, जिससे पूरे मामले पर संदेह और गहरा गया है।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों का आरोप है कि सिर्फ वाहन चालकों ही नहीं बल्कि फुटपाथ पर ठेला लगाने वालों से भी रोजाना वसूली की जा रही है। मामले पर जब नगर पंचायत चेयरमैन हारून वारसी से सवाल किया गया तो उन्होंने पार्किंग ठेके की जानकारी होने से इनकार किया, हालांकि अवैध वसूली की शिकायतें मिलने की बात स्वीकार की। देवा शरीफ में विकास कार्यों, भुगतान विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी अब नए सवाल खड़े कर रही है। आमजन पूछ रहे हैं कि आखिर देवा शरीफ में यह वसूली तंत्र किसके संरक्षण में फल-फूल रहा है और कब होगी इस पर कार्रवाई?