रिपोर्ट/संदीप शुक्ला

महादेवा (बाराबंकी)। सुप्रसिद्ध पौराणिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेव धाम में काशी कॉरिडोर की तर्ज पर बनाए जा रहे भव्य कॉरिडोर निर्माण कार्य ने अब गति पकड़ ली है। कॉरिडोर निर्माण के लिए राजस्थान से नक्काशीदार पत्थरों की पहली खेप धाम पहुंच गई है। पत्थरों की सैंपलिंग और खंभों के निर्माण का कार्य कुशल कारीगरों की देखरेख में शुरू करा दिया गया है।कॉरिडोर निर्माण में लगे कारीगर रमेश सैनी ने बताया कि निर्माण में उपयोग होने वाले सभी विशेष पत्थर राजस्थान से मंगाए जा रहे हैं। परिक्रमा मार्ग के खंभों और मुख्य द्वार को आकर्षक नक्काशीदार पत्थरों से तैयार किया जाएगा। परियोजना को दो वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।कार्यदायी संस्था के इंजीनियर अरुण कुमार और आयुष विश्वकर्मा की निगरानी में मुख्य द्वार सहित अन्य निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इंजीनियर आयुष विश्वकर्मा ने बताया कि कॉरिडोर और मंदिर परकोटा निर्माण का कार्य तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए तेजी से काम चल रहा है। हालांकि अभी पूरी भूमि का समतलीकरण न हो पाने से निर्माण कार्य कुछ धीमी गति से चल रहा है। भूमि खाली होते ही कार्य और तेज किया जाएगा।उधर कॉरिडोर की जद में आने वाले भवनों के ध्वस्तीकरण का कार्य प्रशासन की निगरानी में अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिलाधिकारी बाराबंकी ईशान प्रताप सिंह के निर्देशन में उपजिलाधिकारी रामनगर आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार विपुल कुमार सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी तथा राजस्व टीम सुरक्षा बलों की मौजूदगी में कार्रवाई करा रही है। ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने और भूमि समतलीकरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि कार्यदायी संस्था को जल्द निर्माण स्थल उपलब्ध कराया जा सके।






























