रिपोर्ट/विवेक शुक्ला
रामनगर, बाराबंकी। नगर पंचायत रामनगर स्थित ऐतिहासिक राजा की कोठी परिसर सोमवार को श्रद्धा, सम्मान और आत्मीयता का केंद्र बना रहा, जहां स्वर्गीय राजा राजकुमार रत्नाकर सिंह की जन्मजयंती बड़े ही धूमधाम और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने पहुंचकर राजा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनके व्यक्तित्व एवं समाजसेवा को याद किया।कार्यक्रम का शुभारंभ माल्यार्पण एवं श्रद्धासुमन अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय राजा रत्नाकर सिंह को सरल, सौम्य, मिलनसार एवं जनप्रिय व्यक्तित्व का धनी बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में सहभागी बनकर समाजहित में कार्य किया। लोगों ने कहा कि राजा साहब का व्यवहार इतना आत्मीय था कि हर वर्ग के लोग उनसे सहज रूप से जुड़ाव महसूस करते थे।सभा को संबोधित करते हुए रानी मृणालिनी सिंह ने कहा कि स्वर्गीय राजा राजकुमार रत्नाकर सिंह केवल एक प्रतिष्ठित नाम नहीं, बल्कि जनसेवा, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों की सजीव पहचान थे। उन्होंने कहा कि राजा साहब ने अपने जीवनकाल में सदैव लोगों को साथ लेकर चलने का कार्य किया और समाज के हर वर्ग के लिए उनके द्वार खुले रहते थे।रानी साहिबा ने भावुक स्वर में कहा, “राजा साहब का संपूर्ण जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने व्यवहार, सादगी और सेवा भावना से लोगों के दिलों में जो स्थान बनाया, वह आज भी कायम है। उनकी जन्मजयंती पर उमड़ा यह स्नेह और जनसमर्थन इस बात का प्रमाण है कि लोग आज भी उन्हें पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ याद करते हैं।”उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि समाज और क्षेत्र के विकास के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए तथा आपसी भाईचारे, सद्भाव और सामाजिक एकता को मजबूत बनाए रखना चाहिए।व्यापार मंडल अध्यक्ष रविकांत पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि स्वर्गीय राजा राजकुमार रत्नाकर सिंह का व्यक्तित्व अत्यंत प्रेरणादायी था। उन्होंने हमेशा व्यापारियों, किसानों और आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके समाधान के लिए प्रयासरत रहे।कार्यक्रम में कमलेश पाण्डेय, देवीशरण मिश्रा, भानू सिंह, प्रदीप सिंह,पवन ओझा, अमित सिंह, निखिल पांडेय, गुड्डू मिश्रा सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए राजा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की।पूरे आयोजन के दौरान राजा की कोठी परिसर श्रद्धा और आत्मीयता के माहौल से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय राजा राजकुमार रत्नाकर सिंह के आदर्शों पर चलने और समाजहित में कार्य करने का संकल्प लिया।






























