रिपोर्ट/नारद संवाद
रामनगर (बाराबंकी), सूरतगंज। क्षेत्र के ग्राम गौराचक में आयोजित पांच दिवसीय श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस पर कथावाचक चन्द्रशेखर जी महाराज ने सत्संग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग से मनुष्य को जीवन की सही राह मिलती है और जन्म-मरण के रहस्य को समझने का अवसर प्राप्त होता है।उन्होंने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मिक शांति और सत्य की प्राप्ति है, जिसे सच्चे संत और सद्गुरु के मार्गदर्शन से समझा जा सकता है। सत्संग के वचनों को बीज बताते हुए उन्होंने कहा कि जब यह बीज मानव जीवन में पड़ता है तो उससे शांति और सुकून का अंकुर फूटता है और जीवन में धर्म, संयम व सदाचार की भावना विकसित होती है।कथावाचक ने कहा कि मनुष्य संसार की माया में उलझकर अपने वास्तविक लक्ष्य से भटक जाता है। धन, वैभव और भौतिक सुखों के पीछे भागते हुए वह जीवन के सत्य को भूल जाता है, जबकि मनुष्य शरीर नश्वर है और एक दिन उसे अपने कर्मों का हिसाब देना पड़ता है।उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से सत्संग, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कथा श्रवण के लिए क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व जिला पंचायत सदस्य पप्पू सिंह, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, प्रधान बृजेश कुमार, लवलेश, डॉ. सूरज यादव, मनोज कुमार, विजय प्रताप, हरिओम, मुकेश कुमार, बबलू, विक्रम, प्रदीप, विजयपाल, अभिषेक, रामफेर, केशवराम, अनंतराम, राममिलन, साधुराम, ओमकार, अमरेश सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।































