वाराणसी में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद पुलिस विभाग ने स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। इस घटना के संबंध में लापरवाही बरतने के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
वरुणा जोन के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) ने पुराना पुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला और बीट कांस्टेबल प्रकाशचंद्र यादव को सस्पेंड किया है। इन दोनों की भूमिका की जांच की जा रही है।
रिहायशी इलाके में हुआ जोरदार धमाका
यह हादसा गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को हुआ। विस्फोट सारनाथ पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले पैगंबरपुर के सारंग तालाब इलाके में स्थित एक अवैध निर्माण इकाई में हुआ था।
यह फैक्ट्री एक रिहायशी इमारत में चल रही थी। धमाका इतना जबरदस्त था कि तीन मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई और उसके पास वाली एक अन्य इमारत को भी काफी नुकसान पहुंचा।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
हादसे के बाद मलबे से लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। इसमें पुलिस, फायर विभाग, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों ने हिस्सा लिया।
मलबे से दो लोगों को निकाला गया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया। एक महिला की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। बताया गया है कि यह फैक्ट्री राजू खान द्वारा संचालित की जा रही थी और विस्फोट के समय उसके परिवार के सदस्य अंदर ही थे।
अधिकारियों की निगरानी और विभागीय जांच
घटनास्थल पर वरुणा जोन के डीसीपी राजेश कुमार पांडे और एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस (लॉ एंड ऑर्डर और हेडक्वार्टर) शिवहारी मीणा ने पूरी स्थिति की निगरानी की।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और घायलों के उचित इलाज का भरोसा देने के निर्देश दिए हैं।
- निलंबित पुलिसकर्मियों के आचरण की जांच के लिए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
- जांच के नतीजों के आधार पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

























