पीलीभीत पुलिस ने अमरिया कस्बे में 12 अक्टूबर 2026 की रात हुए ट्रिपल मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए लोगों में मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता के साथ उसके चाचा संतोष गुप्ता और पिता नरेश गुप्ता भी शामिल हैं।
इस मामले में हर्षित गुप्ता और रचित गुप्ता नाम के संदिग्धों को भी आरोपी बनाया गया है। यह पूरी घटना एक हिंसक झड़प का परिणाम थी जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी।
रामलीला कमेटी के पैसों का था विवाद
इस हिंसक घटना में 38 साल के बुलियन ट्रेडर मोहित गुप्ता, उनके 30 साल के भाई अंकित गुप्ता और 18 साल के कुणाल श्रीवास्तव की मौत हो गई। यह पूरा विवाद स्थानीय रामलीला कमेटी के प्रबंधन और वित्तीय रिकॉर्ड को लेकर था।
कमेटी के दान में आए लगभग 20-22 लाख रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी झगड़े ने अंततः इस खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
इस हमले में एक और व्यक्ति घायल हुए हैं। 20 साल की रोज गुप्ता की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है।
हथियार और वाहन बरामद, जांच जारी
सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) सुकीर्ति माधव मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से कई चीजें बरामद की हैं। पुलिस ने संतोष गुप्ता की लाइसेंसी राइफल, एक अवैध देसी कट्टा, कारतूस और डंडे बरामद किए हैं।
इसके अलावा, झड़प में इस्तेमाल किए गए दो वाहनों को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वारदात के समय किसने क्या भूमिका निभाई थी।
अडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस हिमांशु गौरव ने कहा कि जांच टीमें फॉरेंसिक यूनिट की मदद से घटनास्थल का विश्लेषण कर रही हैं। वे घटनाक्रम के क्रम और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका को दोबारा जोड़ने का काम कर रहे हैं।
अमरिया कस्बे में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मृतकों का अंतिम संस्कार संपन्न होने के बाद भी इलाके में तनाव बना हुआ है। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
अमरिया कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि सार्वजनिक व्यवस्था बनी रहे और दोबारा कोई हिंसा न हो। पुलिस की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

























