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अंकिता भंडारी केस: राज्यपाल नियुक्ति पर विवाद, समाजवादी पार्टी ने दिया माता-पिता को समर्थन

समाजवादी पार्टी के नेताओं डिंपल यादव और धर्मेंद्र यादव ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से मुलाकात की है। उन्होंने न्याय के लिए जारी इस अभियान में परिवार के साथ अपनी एकजुटता जाहिर की है।

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अंकिता के माता-पिता ने 14 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। यह प्रदर्शन भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में किया गया है।

परिवार का आरोप है कि दुष्यंत कुमार गौतम सितंबर 2022 में हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड के ‘VIP’ एंगल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने मांग की है कि CBI की चल रही जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए।

इंडिया गेट पर प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

15 अक्टूबर 2026 की सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और विपक्ष के कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इंडिया गेट पर रात भर चले प्रदर्शन के बाद यह कार्रवाई की गई, हालांकि उन्हें कुछ समय बाद रिहा कर दिया गया।

रिहाई के बाद अंकिता के पिता ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो वे देशव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।

दूसरी ओर, दुष्यंत कुमार गौतम ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से नकारा है। उन्होंने इन दावों को मानहानिकारक बताया है।

राजनीतिक दिग्गजों का समर्थन और सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस नियुक्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल किए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस फैसले का विरोध करने का आग्रह किया है।

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इससे पहले 14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी विरोध स्थल का दौरा किया और अपना समर्थन दिया। राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

डिंपल यादव ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री धामी को पत्र लिखकर तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

सरकार का पक्ष और जांच की स्थिति

उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सरकार के रुख का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि धामी प्रशासन ने निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की है, जिसके कारण दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है।

उन्होंने यह भी बताया कि परिवार को 25 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनवरी 2026 में CBI जांच की सिफारिश की थी, जिसके बाद फरवरी 2026 में एजेंसी ने औपचारिक रूप से मामला अपने हाथ में लिया।

इन हालिया घटनाक्रमों से पहले, IPS अधिकारी वी. मुरुगेसन ने देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जांच की विस्तृत जानकारी साझा की थी।

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