दिल्ली पुलिस कमिश्नर Anurag Kumar ने सुप्रीम कोर्ट में दो हलफनामे दाखिल किए हैं। इसमें उन्होंने बिना किसी शर्त के माफी मांगी है, हालांकि उन्होंने कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना करने से इनकार किया है।
यह पूरा मामला 10 अक्टूबर को ‘Cockroach Janta Party’ (CJP) द्वारा बुलाए गए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा कारणों से मेट्रो और इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने जैसे कई प्रतिबंध लगाए गए थे।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव Govind Mohan, दिल्ली पुलिस कमिश्नर Anurag Kumar और DMRC चेयरपर्सन D. Thara के खिलाफ अवमानना का प्रथम दृष्टया मामला पाया था।
अदालत में माफी और कानूनी दलीलें
15 अक्टूबर, 2026 को कमिश्नर Anurag Kumar ने चीफ जस्टिस Surya Kant और जस्टिस Joymalya Bagchi की बेंच के सामने अपनी माफी पेश की। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनके खिलाफ जारी अवमानना नोटिस को वापस लिया जाए।
पुलिस ने अपने हलफनामों में तर्क दिया कि प्रदर्शन के दौरान उठाए गए कदम जरूरी थे। उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस रिपोर्ट और जमीनी स्तर के आकलन के आधार पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये पाबंदियां लगाई गई थीं।
सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने इस माफी को एक मानक प्रक्रियात्मक प्रतिक्रिया बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार स्थिति के तथ्यों के आधार पर अपने कार्यों का बचाव कर रही है।
अन्य कानूनी कार्यवाही और कोर्ट के निर्देश
अटॉर्नी जनरल R. Venkataramani ने कमिश्नर Anurag Kumar के खिलाफ अलग से आपराधिक अवमानना की कार्यवाही की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इसका कारण यह बताया कि सुप्रीम कोर्ट पहले से ही इस मामले की समीक्षा कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को एक जरूरी निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि प्रदर्शनों से संबंधित सभी CCTV फुटेज और डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखा जाए।
अदालत की बेंच ने प्रदर्शनों की कवरेज कर रही महिला पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़ी चिंताओं पर भी चर्चा की और इस मुद्दे को संबोधित किया।

























