वाराणसी के सारनाथ इलाके के पैगंबरपुर में गुरुवार शाम, 15 अक्टूबर 2026 को एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में जोरदार विस्फोट हुआ। इस शक्तिशाली धमाके के कारण वहां स्थित एक तीन मंजिला इमारत पूरी तरह ढह गई। यह पूरी घटना प्रधानमंत्री के संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में घटित हुई है।
इस विस्फोट का असर इतना ज्यादा था कि धमाके के कारण बगल में स्थित एक दो मंजिला घर को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मलबे के नीचे छह लोग दब गए थे, जो सभी पटाखा व्यापारी राजू खान के परिवार के सदस्य थे।
बचाव कार्य और घायलों की स्थिति
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। इन सभी टीमों ने मिलकर मलबे से लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि तीन लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जिनमें एक महिला और दो बच्चे शामिल हैं। इन तीनों को तुरंत अस्पताल भेज दिया गया है। वहीं, इस घटना में दो पुरुषों को मामूली चोटें आई हैं। फिलहाल एक महिला अभी भी लापता है और उसकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।
जांच और विस्फोट के संभावित कारण
डीसीपी वरुणा राजेश कुमार पांडे ने बताया कि घटनास्थल पर पटाखों के अवशेष बिखरे हुए मिले हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि धमाके का मुख्य कारण पटाखे ही रहे होंगे। मामले की गहराई से जांच करने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने भी इस जांच में हिस्सा लिया है।
ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या धमाके में किसी अन्य विस्फोटक सामग्री या एलपीजी सिलेंडर की भूमिका थी। हादसे की सटीक वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स फिलहाल मलबे और अवशेषों का विश्लेषण कर रहे हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा उपाय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे का गंभीर संज्ञान लिया है। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्यों में तेजी लाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी घायलों को अस्पताल में पूरा इलाज मिले।
बचाव कार्य के दौरान अधिकारी काफी सावधानी बरत रहे हैं क्योंकि मलबे के अंदर अभी भी कुछ बिना फटे पटाखे मौजूद हो सकते हैं। अपर पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) शिवहरी मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार इस पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

























