दिल्ली के PWD मंत्री परवेश वर्मा एक राजनीतिक विवाद में फंस गए हैं। यह मामला 27 सितंबर, 2026 का है, जब वह तिलक नगर और विकास पुरी रिंग रोड इलाके में सड़क निर्माण के काम का निरीक्षण कर रहे थे।
इस दौरान एक वीडियो सामने आया है जिसमें मंत्री परवेश वर्मा एक 22 साल के युवक को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। इस युवक की पहचान साहब सिंह के रूप में हुई है, जो आम आदमी पार्टी (AAP) के MLA जरनैल सिंह के सहयोगी और सोशल मीडिया हैंडलर बताए जा रहे हैं।
यह घटना तब हुई जब मंत्री स्थानीय AAP MLA के साथ सड़क की गुणवत्ता की जांच कर रहे थे। MLA जरनैल सिंह ने निर्माण मानकों को लेकर अपनी चिंताएं जताई थीं, जिसके बाद यह विवाद हुआ।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
घटना के बाद साहब सिंह ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर दिल्ली पुलिस ने मंत्री परवेश वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115 के तहत एक गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है। यह मामला स्वेच्छा से चोट पहुँचाने से संबंधित है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि NCR दर्ज होने के कारण, मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना इस मामले में आगे की जांच शुरू नहीं की जा सकती है। इस कानूनी कदम के बाद विपक्षी नेताओं और आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि FIR के बजाय सिर्फ NCR क्यों दर्ज की गई।
मंत्री और आम आदमी पार्टी के दावे
मंत्री परवेश वर्मा ने अपने कदम का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह प्रतिक्रिया इसलिए दी क्योंकि उस व्यक्ति ने उनके और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था।
इसके अलावा, वर्मा ने AAP MLA जरनैल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि MLA ठेकेदारों से कमीशन मांग रहे थे और राजनीतिक फायदे के लिए वीडियो रिकॉर्ड करने के मकसद से नई बनी सड़क को तुड़वाने की साजिश रच रहे थे।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने मंत्री के व्यवहार को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि जब स्थानीय निवासियों ने कैमरे में कैद हुए ‘रोड घोटाले’ के बारे में मंत्री से सवाल पूछे, तो उन्होंने हिंसा का सहारा लिया।
सिख समुदाय का विरोध और राजनीतिक दबाव
वीडियो वायरल होने के बाद 28 सितंबर, 2026 को सिख समुदाय के सदस्यों ने मंत्री के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के जरिए उन्होंने मंत्री की इस हरकत का कड़ा विरोध जताया।
परवेश वर्मा फरवरी 2025 में नई दिल्ली सीट से चुनाव जीते थे और वह पूर्व मुख्यमंत्री साहब सिंह वर्मा के बेटे हैं। वह वर्तमान में काफी दबाव का सामना कर रहे हैं क्योंकि अधिकारी इस मामले से जुड़े PWD इंजीनियरों और ठेकेदारों की शिकायतों की समीक्षा कर रहे हैं।

























