उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया है। अखिलेश यादव ने राज्य में रोजगार की स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की थी, जिस पर अंसारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि रोजगार सृजन पर समाजवादी पार्टी की टिप्पणियां जनता के लिए हंसी का विषय होंगी। उन्होंने इसके लिए पिछली सरकार के कामकाज के रिकॉर्ड का हवाला दिया। अंसारी ने आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच जब सपा की सरकार थी, तब सरकारी पदों की प्रभावी रूप से “नीलामी” की जाती थी।
उन्होंने दावा किया कि उस समय उम्मीदवार बिना रिश्वत दिए सरकारी नौकरी हासिल नहीं कर सकते थे। अंसारी के अनुसार, अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रशासन ने एक पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रणाली अपना ली है।
सरकारी नौकरियों के आंकड़े और लक्ष्य
दानिश आजाद अंसारी ने सरकारी आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2017 में सत्ता संभालने के बाद से 10 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये नियुक्तियां बिना किसी भेदभाव और भ्रष्टाचार के की गई हैं।
सरकार का व्यापक लक्ष्य 2026 तक कुल 10 लाख सरकारी नौकरियों का आंकड़ा पूरा करना है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सितंबर 2026 में यह जानकारी दी थी कि अब तक लगभग 9.5 लाख नियुक्ति पत्र बांटे जा चुके हैं। इसके साथ ही आने वाले छह महीनों में 1 लाख से अधिक अतिरिक्त सरकारी नौकरियां पैदा करने की योजना है।
रोजगार दर और विपक्ष के आरोप
राज्य सरकार अक्सर ‘इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026’ का उल्लेख करती है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश को 78.6% की रोजगार क्षमता दर के साथ सबसे अधिक रोजगार योग्य राज्य बताया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, 2012-2017 के दौरान बेरोजगारी दर 19% थी, जो अब घटकर 2.4% रह गई है।
दूसरी ओर, अखिलेश यादव इन आंकड़ों को चुनौती देते रहे हैं। उन्होंने भाजपा के रोजगार आंकड़ों को “झूठे आंकड़े” करार दिया है और सुझाव दिया है कि वास्तविक नौकरी सृजन केवल सरकारी विज्ञापनों तक ही सीमित है।
लखनऊ प्रेस कॉन्फ्रेंस और चुनावी हलचल
29 सितंबर 2026 को लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने सरकार पर भर्ती का “नाटक” करने का आरोप लगाया। उन्होंने 2019 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के विशिष्ट आरोप लगाए, जिसे उन्होंने “पीडीए आरक्षण घोटाला” कहा।
दानिश आजाद अंसारी ने इन आलोचनाओं को 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी की बेचैनी बताया। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अपने पुराने खराब प्रदर्शन को छिपाने के लिए जनता के बीच भ्रम फैला रहे हैं।

























