वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम में कई लोगों के संदिग्ध रूप से लापता होने के बाद अब गहन जांच शुरू हो गई है। आश्रम में हुई सिलसिलेवार घटनाओं ने प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
इस पूरी जांच की शुरुआत एक शिष्य की संदिग्ध मौत के बाद हुई थी। इसके बाद 17 साल के किशोर अनुज चौधरी के गायब होने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
अनुज चौधरी के परिवार के सदस्य वर्तमान में राधा केली कुंज आश्रम के सामने धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि आश्रम के शिष्य उनकी खोज में सहयोग नहीं कर रहे हैं और वे अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं।
लापता व्यक्तियों के मामले और परिजनों के आरोप
आश्रम से जुड़े लापता लोगों की सूची लंबी होती जा रही है। इसमें नोएडा से आई 38 वर्षीय विभा का मामला भी शामिल है, जिनके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
विभा के पिता उमेश सिन्हा ने बताया कि उनकी बेटी 15 अगस्त को आश्रम में ‘दीक्षा’ लेने की इच्छा के साथ घर से निकली थी। विभा का अब तक कोई पता नहीं चला है और वह लापता है।
इसके अलावा, एक और मामला 10 साल के बच्चे वंश का है। वंश की मां अनीता आश्रम के बाहर एक ढाबे पर काम करती हैं और उन्होंने अपने बेटे के लापता होने की जानकारी दी है।
आश्रम प्रबंधन और गतिविधियों पर उठते सवाल
इन घटनाओं के बीच आम जनता में चिंता बढ़ गई है क्योंकि प्रेमानंद महाराज के रात्रि पैदल भ्रमण बंद हो गए हैं। साथ ही उनके ‘सत्संग’ के नए वीडियो भी सामने नहीं आ रहे हैं।
इन सभी घटनाओं से पहले एक शिष्य दीपक पटेल की मौत हुई थी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था। दीपक पटेल की मौत ने पहले ही कई सवाल खड़े कर दिए थे।
बार-बार होने वाली इन घटनाओं के कारण आश्रम के प्रबंधन की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि लापता व्यक्तियों की खोज के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन्स में कितनी प्रगति हुई है।

























