उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को राज्य के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई पाकिस्तान स्थित शाहजद भट्टी नेटवर्क से जुड़े संदिग्ध लोगों के खिलाफ की गई है।
इस ऑपरेशन के तहत प्रदेश के 10 से 15 जिलों को कवर किया गया है। इसमें लखनऊ, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, अलीगढ़ और मेरठ जैसे जिलों पर मुख्य रूप से ध्यान दिया गया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और नेपाल सीमा से लगे इलाकों में विशेष तौर पर छापेमारी की गई है।
संदिग्धों की गिरफ्तारी और डिजिटल जांच
छापेमारी के दौरान ATS की टीमों ने आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को पकड़ा है। फिलहाल इन सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पहले गिरफ्तार किए गए लोगों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एजेंसी अब 150 से ज्यादा संदिग्धों की गतिविधियों और उनके संपर्कों पर नजर रख रही है।
जांच अधिकारी अब इन संदिग्धों के सोशल मीडिया अकाउंट, डिजिटल बातचीत, चैट लॉग और बैंकिंग लेनदेन की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इन लोगों का नेटवर्क से रिश्ता सिर्फ बातचीत तक सीमित था या वे संगठित आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल थे।
शाहजद भट्टी नेटवर्क और केंद्र सरकार की कार्रवाई
केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत शाहजद भट्टी नेटवर्क को एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, यह नेटवर्क हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है।
इसके अलावा, इस नेटवर्क पर युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंकवादी अभियानों के लिए भर्ती करने का आरोप है। UAPA कानून के तहत इस संगठन के साथ किसी भी तरह का जुड़ाव, भर्ती करना या इसके कामकाज को संभालना एक गंभीर अपराध है, जिसमें जमानत के नियम बहुत सख्त हैं।
ATS की अब तक की कार्रवाई और ISI का कनेक्शन
पिछले चार महीनों के दौरान UP ATS ने कथित आतंकी गतिविधियों के सिलसिले में 52 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस विशेष नेटवर्क के खिलाफ अब तक 12 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने पहले बताया था कि यह सिंडिकेट पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और शाहजद भट्टी के निर्देशों पर काम कर रहा था। इसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाना था। यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका के बारे में जांच आगे बढ़ने पर और जानकारी मिलने की उम्मीद है।

























