अमेठी के जिला मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी ने रविवार को तिलोई में बन रहे नए मेडिकल कॉलेज का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने कॉलेज के निर्माण की प्रगति, बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता और परिसर में विकसित की जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के समय निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों ने जिला मजिस्ट्रेट को जानकारी दी कि निर्माण कार्य का 98.5 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल कुछ छोटे फिनिशिंग कार्य ही बाकी रह गए हैं।
बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता की जांच
जिला मजिस्ट्रेट ने कॉलेज की विभिन्न इमारतों का दौरा किया ताकि वहां की व्यवस्थाओं को करीब से देखा जा सके। उन्होंने विशेष रूप से सीवर सिस्टम, पानी की आपूर्ति, आंतरिक सड़कों और ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन किया।
इसके साथ ही उन्होंने बायोमेडिकल वेस्ट यानी अस्पताल के कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए बनाए गए नियमों और प्रोटोकॉल की भी जांच की। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी बचे हुए कार्यों को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।
अस्पताल और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार
जिला मजिस्ट्रेट शशांक चौधरी ने कहा कि अस्पताल और शैक्षणिक भवनों में सभी जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि मरीजों, डॉक्टरों, छात्रों और स्टाफ की सभी जरूरतें पूरी हों।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज में जो उपकरण लगाए जाएंगे, वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को किसी भी तरह की अनावश्यक देरी न करने की चेतावनी दी।
प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी और क्षमता
इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण लोक निर्माण विभाग (PWD) की अयोध्या यूनिट द्वारा लगभग 16.5 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट में निम्नलिखित सुविधाएं शामिल हैं:
- 300 बेड का अस्पताल
- 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक
- 100 सीटों की क्षमता वाला मेडिकल कॉलेज और एकेडेमिक ब्लॉक
- महिला और पुरुष छात्रों के लिए अलग-अलग हॉस्टल
- पार्किंग की सुविधा और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचा
इतना ही नहीं, इसी परिसर के भीतर 60 सीटों की क्षमता वाला एक नर्सिंग कॉलेज भी बनाया जा रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के पूरा होने से अमेठी और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। साथ ही यह क्षेत्र चिकित्सा शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित होगा।
निरीक्षण के दौरान कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. रीना शर्मा और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

























