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महादेवा क्षेत्र में वृक्षारोपण योजना पर सवाल, ट्री गार्ड निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप

रिपोर्ट/नारद संवाद एजेंसी

रामनगर बाराबंकी।वन विभाग द्वारा महादेवा क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के लिए चलाई जा रही वृक्षारोपण योजना पर सवाल खड़े होने लगे हैं। क्षेत्र में बनाए जा रहे ट्री गार्ड के निर्माण में बड़े पैमाने पर घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप सामने आया है, जिससे योजना की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।जानकारी के अनुसार केसरीपुर मोड़ से लेकर महादेवा तक सड़क के दोनों किनारों पर करीब 500 पौधे लगाने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड बनाए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ ट्री गार्ड बनाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ वे अपने आप गिरते जा रहे हैं।निर्माण में प्रयुक्त ईंटों की गुणवत्ता भी बेहद खराब बताई जा रही है। आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतरते ही ईंटें टूटकर खंड-खंड हो जा रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।बताया जाता है कि यह कार्य वन विभाग की देखरेख में कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक निर्माण कार्य वन दरोगा सचिन पटेल की निगरानी में चल रहा है। हालांकि इस संबंध में सचिन पटेल का कहना है कि विभाग द्वारा ठेका दिया गया है और शुक्ला नामक ठेकेदार द्वारा निर्माण कराया जा रहा है, इसमें उनकी सीधी भूमिका नहीं है।गौरतलब है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महाभारतकालीन ऐतिहासिक तीर्थ स्थल लोधेश्वर महादेवा को कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य चल रहा है। इसी के तहत क्षेत्र को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया गया है।ऐसे में निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा कर रहे हैं, बल्कि मुख्यमंत्री की मंशा पर भी पानी फेरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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