जलभराव की समस्या के कारण चार साल से खाली पड़ी गौशाला!
रिपोर्ट:- राहुल त्रिपाठी
बाराबंकी:- विकासखंड निंदूरा अंतर्गत ग्राम अगासड में लगभग चार वर्ष पूर्व सवा करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बृहद गौ संरक्षण केंद्र जलभराव की समस्या के चलते पूरी तरह निष्प्रभावी हो गया है। “लो लैंड” क्षेत्र में बने इस गौशाला में बरसात के दौरान रेठ नदी का पानी भर जाने से यहां पशुओं को रखना असंभव हो गया है।
बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने गौ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्राम प्रधान राजकिशोर उर्फ गुड्डू मौर्य से केंद्र में एक भी पशु न होने का कारण पूछा। इस पर प्रधान ने बताया कि गौशाला बनने के बाद से ही हर वर्ष बरसात में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे पशुओं के जान-माल का खतरा बना रहता है।
प्रधान के अनुसार, लगभग दो वर्ष पूर्व जलभराव के कारण सैकड़ों गायों को ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकालकर अन्य गौशालाओं में शिफ्ट किया गया था। तब से यह केंद्र पूरी तरह खाली पड़ा है।
जिलाधिकारी ने स्थिति का जायजा लेते हुए जल्द ही समस्या के समाधान के लिए उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार वैशाली अहलावत, खंड विकास अधिकारी अमन कुमार वर्मा, एडीओ पंचायत अनिल कुमार सिंह, जेई सचिन यादव, पशु चिकित्सक संजय सिंह और लेखपाल क्षितिज तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।