बाराबंकी, 21 मई 2026: “Operation Conviction” के तहत बाराबंकी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पॉक्सो एक्ट के एक मामले में प्रभावी पैरवी के चलते मा0 न्यायालय ने अभियुक्त को 07 वर्ष के कठोर कारावास और 19,000 रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में जघन्य अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। मॉनीटरिंग सेल और पैरोकारों द्वारा मा0 न्यायालय में मजबूत पैरवी कर कम समय में सजा दिलाने का काम किया जा रहा है।
क्या है मामला यह मामला थाना दरियाबाद क्षेत्र का है। दिनांक 26.09.2017 को वादी ने थाने में तहरीर दी थी कि अभियुक्त नन्कू उर्फ शोभाराम पुत्र राघवराम निवासी ग्राम नरगौर, थाना दरियाबाद ने उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पुलिस ने तत्काल मु0अ0सं0 286/2017 धारा 363/366/506/376 भादवि व 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया। तत्कालीन विवेचक उ0नि0 ब्रह्मदत्त पाण्डेय ने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र मा0 न्यायालय भेजा था।
कोर्ट का फैसला मा0 अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नं-45 बाराबंकी ने अभियुक्त नन्कू उर्फ शोभाराम को दोषी करार देते हुए 07 वर्ष के कठोर कारावास व 19,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
यह अभियोग पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा चलाए जा रहे महिला संबंधी/जघन्य सनसनीखेज अपराधों के तहत चिन्हित अभियोगों में शामिल था।
*अभियोजन पक्ष* इस केस में विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट नं-45, लव त्रिपाठी ने प्रभावी पैरवी की।