फिरोजाबाद नगर निगम इस समय सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के कारण एक बड़े विवाद में घिरा हुआ है। बीजेपी पार्षद मुनेन्द्र यादव ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुनेन्द्र यादव ने अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर भ्रष्टाचार के उनके दावे गलत साबित हुए, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नगर आयुक्त ने कथित तौर पर उनसे कहा कि वह इस्तीफा दे दें।
नगर निगम की अनियमितताओं की जांच की मांग के बीच 3 अक्टूबर, 2026 को तनाव और बढ़ गया। जवाबदेही तय करने की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
SIT जांच और भ्रष्टाचार के आरोप
चाणक्य फाउंडेशन ने 30 सितंबर, 2026 को राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में उन्होंने उच्च स्तरीय विशेष जांच टीम (SIT) से जांच कराने का अनुरोध किया है।
फाउंडेशन के सचिव पंडित अखिलेश शर्मा का आरोप है कि विकास परियोजनाओं के मामले में अधिकारी भ्रष्ट तरीके से काम कर रहे हैं। यह मांग सितंबर 2026 के दौरान हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उठी है।
सितंबर महीने में हुए इन प्रदर्शनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही दलों के पार्षदों ने हिस्सा लिया था। पार्षदों का दावा है कि अधिकारी ठेकों पर 30% से 40% कमीशन की मांग कर रहे थे।
प्रशासनिक लापरवाही और बाहरी हस्तक्षेप
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया है कि नगर बोर्ड की बैठकें, जो हर दो महीने में होना अनिवार्य हैं, सितंबर के विरोध प्रदर्शनों से पहले छह महीने तक नहीं बुलाई गईं।
नगर निगम की मेयर कामिनी राठौर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों का आरोप है कि मेयर के पति सुरेन्द्र राठौर प्रशासनिक कार्यों में अनुचित प्रभाव डाल रहे हैं।
भ्रष्टाचार और विकास की अनदेखी को उजागर करने के लिए पार्षद नीतू शर्मा और उषा देवी शंखवार ने पहले प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन भी किया था। इन दोनों पार्षदों ने विरोध जताने के लिए अपने सिर मुंडवा लिए थे।
स्मार्ट रोड प्रोजेक्ट और अन्य कार्य
प्रशासनिक जांच के बीच जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने हाल ही में एक प्रोजेक्ट पर नाराजगी जताई है। उन्होंने CM Grid Scheme के तहत रसूलपुर से नलबंद चौराहा तक बन रही स्मार्ट रोड परियोजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है।
एक तरफ जहां जांच की मांग की जा रही है, वहीं नगर निगम अपने विभिन्न विभागों का संचालन कर रहा है। इसमें लाइट विभाग भी शामिल है।
लाइट विभाग ने हाल ही में स्ट्रीट लाइट खराब होने की सार्वजनिक शिकायतों के बाद नई स्ट्रीट लाइटिंग लगाई है।
























