उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने विपक्षी दल पर तुष्टीकरण, भ्रष्टाचार और अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
यह विवाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और जेल में बंद पार्टी नेता आजम खान के बीच हुई एक मुलाकात के बाद शुरू हुआ। यह मुलाकात 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जिला जेल में हुई थी।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मुलाकात के राजनीतिक असर पर बात की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास अराजकता और तुष्टीकरण से भरा रहा है।
विकास और कानून व्यवस्था पर तुलना
ब्रजेश पाठक ने सपा के पुराने रिकॉर्ड की तुलना योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार से की। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पूरे राज्य में विकास कार्यों को मजबूत किया है।
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विकास और सुरक्षा पर ध्यान दे रही है, जबकि सपा का तरीका अलग था।
विनोद तावड़े ने PDA नारे पर उठाए सवाल
बीजेपी के उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने भी अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात की आलोचना की। उन्होंने समाजवादी पार्टी के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे को नया अर्थ दिया।
विनोद तावड़े ने आरोप लगाया कि सपा के लिए PDA का मतलब प्रदेश में दंगा और अराजकता है। उन्होंने इस नारे के जरिए पार्टी की मंशा पर सवाल उठाए।
तावड़े ने आगे यह गंभीर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी आजम खान को गृह मंत्री बनाने की इच्छा रखती है। उन्होंने आजम खान को दंगाइयों का सरगना बताया और चेतावनी दी कि ऐसे लक्ष्यों से राज्य की प्रगति रुक जाएगी।
अखिलेश यादव का पलटवार और 2027 का लक्ष्य
जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी का मुख्य उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्राथमिक लक्ष्य 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करना है।
अखिलेश यादव ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी का एजेंडा सामाजिक न्याय, सच्चाई और PDA पर आधारित होगा। उन्होंने आजम खान के परिवार के साथ हुए व्यवहार पर भी बात की।
उन्होंने दावा किया कि आजम खान के परिवार ने अभूतपूर्व अन्याय सहा है। अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि आजम खान के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों में अंततः सच्चाई की जीत होगी।
इसके साथ ही, अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने चुनाव आयोग को ‘भाजपा का एजेंट’ करार दिया।
























