जापान के आइची-नागोया में हो रहे एशियन पैरा गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को कुल 26 पदक अपने नाम किए। इन पदकों की मदद से भारतीय दल पदक तालिका में एक बार फिर चौथे स्थान पर पहुँच गया है। इस एक दिन के मुकाबले में भारतीय एथलीटों ने कुल सात स्वर्ण पदक जीते हैं।
भारत के पास अब कुल 88 पदक हो गए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय दल के पास अब 21 गोल्ड, 26 सिल्वर और 41 ब्रोंज मेडल हैं। इस बड़ी बढ़त के साथ भारत ने दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ते हुए ओवरऑल स्टैंडिंग में चौथा स्थान हासिल कर लिया है।
इस दिन की सबसे बड़ी चमक 19 साल की शीतल देवी रहीं। वह जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के लोइधार गांव की रहने वाली हैं। शीतल फोकोमेलिया के साथ पैदा हुई थीं, इसलिए वह अपने पैरों, कंधे और जबड़े का इस्तेमाल कर तीरंदाजी करती हैं।
शीतल देवी का तीरंदाजी में ऐतिहासिक डबल गोल्ड
शीतल देवी ने सुबह के सत्र में तोमन कुमार के साथ मिलकर कंपाउंड मिश्रित टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इस मुकाबले में भारत ने इंडोनेशिया को 151-148 के स्कोर से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इससे पहले क्वालीफिकेशन राउंड में इस जोड़ी ने 1,402 अंकों का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।
इसके ठीक दो घंटे बाद शीतल देवी महिलाओं के कंपाउंड व्यक्तिगत फाइनल के लिए मैदान में उतरीं। उन्होंने सिंगापुर की अलीम नूर शयिदा के खिलाफ मुकाबला किया और चार अंकों की बढ़त को खत्म कर 142-139 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उन्होंने अपनी टॉप रैंकिंग बरकरार रखी और हांगझू 2023 गेम्स जैसा प्रदर्शन दोहराया।
एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भारत का दबदबा
ट्रैक और फील्ड इवेंट्स ने भारत की पदक संख्या बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। भारत द्वारा जीते गए कुल पदकों में से अकेले एथलेटिक्स से 52 पदक आए हैं, जिनमें 18 गोल्ड, 16 सिल्वर और 18 ब्रोंज मेडल शामिल हैं।
महिला एफ54 डिस्कस इवेंट में सुवर्णा राज ने 15.66 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। वहीं, पुरुषों की हाई जंप टी63 स्पर्धा में शैलेश कुमार ने 1.89 मीटर की छलांग लगाकर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और पोडियम पर कब्जा किया।
पुरुषों की लॉन्ग जंप टी44/टी62/टी64 स्पर्धा में सोलराज धर्मराज ने 7.15 मीटर की कूद के साथ एशियाई रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा, दिलीप महाडु गविट ने पुरुषों की 400 मीटर टी47 दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर देश के लिए स्वर्ण पदकों की गिनती बढ़ाई।
इन खेलों के अलावा भारत को स्विमिंग, बैडमिंटन और टेबल टेनिस में भी अच्छी सफलता मिली। भारतीय खिलाड़ी अब आधिकारिक समापन समारोह तक सभी स्पर्धाओं में मुकाबला जारी रखेंगे ताकि अधिक पदक जीते जा सकें और वर्ल्ड रैंकिंग को मजबूत किया जा सके।
विश्व रैंकिंग और अन्य देशों की स्थिति
पूरी प्रतियोगिता में चीन का दबदबा बना हुआ है। ताजा अपडेट के मुताबिक, चीन ने लगभग 149 गोल्ड मेडल और कुल 313 पदक जीतकर ओवरऑल मेडल टेबल पर पहली पोजीशन बनाए रखी है। जापान और उज्बेकिस्तान अभी भी भारत से आगे हैं।
भारतीय दल अब गेम्स के अंतिम पड़ाव पर अपना चौथा स्थान बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। इस पूरे आयोजन का समापन 24 अक्टूबर को होगा।
प्रतियोगिता खत्म होने के बाद पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इन अंतिम परिणामों के आधार पर ही आने वाले पैरालंपिक्स के लिए क्वालीफिकेशन रास्ते और वर्ल्ड रैंकिंग तय होगी।

























