Nishad Party के अध्यक्ष Sanjay Nishad ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party (BJP) को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मछुआरा समुदाय के लिए आरक्षण का मुद्दा अब और टाला नहीं जा सकता।
Sanjay Nishad ने यह बात दिल्ली के Talkatora में आयोजित एक विशाल सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने मांग की है कि मछुआरा समुदाय के आरक्षण के संबंध में निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
गठबंधन और राजनीतिक विकल्पों पर बयान
Sanjay Nishad ने गठबंधन को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनकी पार्टी केवल तभी साथ रहेगी जब आरक्षण के मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पार्टी किसी दूसरे दरवाजे या राजनीतिक विकल्प की तलाश करेगी।
उन्होंने BJP को आगाह किया कि आरक्षण लागू करने में विफलता के कारण उन्हें राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा और दावा किया कि जनता अपनी आवाज बुलंद करेगी।
अन्य दलों के समर्थन और सरकार पर दावा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि Nishad Party के बिना कोई भी सरकार पूरी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि BJP और Samajwadi Party दोनों ही उनकी पार्टी के समर्थन की तलाश में हैं।
इस अल्टीमेटम ने चुनाव पूर्व गठबंधन की बातचीत में आरक्षण के मुद्दे को सबसे आगे खड़ा कर दिया है। अब यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह राजनीतिक दबाव बनाने की एक रणनीति है या गठबंधन के समीकरण बदलने का असली संकेत है।

























