गाजियाबाद के नेहरू नगर इलाके में एक ट्रांसफार्मर के फटने से बड़ा हादसा हो गया है। यह घटना 23 सितंबर 2026 को भटिया मोड़ और भटिया पॉटरी के पास हुई। इस हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) ने इस घातक दुर्घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। यह हादसा उस समय हुआ जब कर्मचारी नियमित मरम्मत का काम कर रहे थे। मरम्मत के दौरान करंट ट्रांसफार्मर-पोटेंशियल ट्रांसफार्मर (CT-PT) यूनिट में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पास में काम कर रहे लोगों पर गर्म तेल की बौछार हो गई।
हादसे में जानमाल का नुकसान और घायलों की स्थिति
इस दर्दनाक विस्फोट के कारण 35 साल के नियामुल हसन की मौत हो गई है। धमाके में दो अन्य लोग भी बुरी तरह घायल हुए हैं। घायलों के नाम इस प्रकार हैं:
- 50 साल के दीपक शर्मा
- 30 साल के मोहम्मद इकरार
दीपक शर्मा और मोहम्मद इकरार गंभीर रूप से जल गए हैं। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर और विशेष इलाज के लिए दिल्ली के अस्पतालों में रेफर किया गया है।
जांच के घेरे में उपकरण और मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट
सुपरिटेंडेंट इंजीनियर अनिल कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि विभाग की एक कमेटी इस मामले की जांच कर रही है। जांच का मुख्य केंद्र CT-PT यूनिट में होने वाला संभावित मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट यानी निर्माण संबंधी खराबी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यूनिट की बनावट में कोई कमी थी जिसकी वजह से यह फेल हुआ।
सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अधिकारी अब सप्लाई कंपनियों द्वारा दिए गए हार्डवेयर का ऑडिट कर रहे हैं। रिपोर्ट्स में इस जांच को Sasa Switchgear के उपकरणों से जोड़ा जा रहा है। अधिकारी अभी भी इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या यूनिट की संरचनात्मक खामियों ने इस घातक विफलता में भूमिका निभाई थी। जांच अभी जारी है ताकि खराबी के सटीक कारण और सुरक्षा मानकों के पालन की पुष्टि की जा सके।
























