चित्रकूट जिला प्रशासन ने जिले भर में 1,281 मूर्तियों के विसर्जन कार्य को सफलतापूर्वक और शांतिपूर्वक पूरा करने की आधिकारिक घोषणा की है। यह विसर्जन प्रक्रिया धार्मिक उत्सवों के समापन के बाद संपन्न हुई।
यह आयोजन मुख्य रूप से 20 और 21 अक्टूबर, 2026 को दुर्गा विसर्जन के अवसर पर किया गया था। स्थानीय अधिकारियों ने इस पूरे कार्यक्रम को सुरक्षित बनाने में सहयोग और भागीदारी के लिए जिले के निवासियों का आभार व्यक्त किया है।
प्रशासनिक तैयारी और सरकारी विभागों का सहयोग
जिला अधिकारियों ने बताया कि विसर्जन की पूरी प्रक्रिया इतनी सुचारू रूप से चली क्योंकि इसमें विभिन्न सरकारी और सुरक्षा विभागों ने मिलकर काम किया। इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में प्रशासन और सुरक्षा बलों का साझा प्रयास रहा।
कार्यक्रम के प्रबंधन के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती की थी। इसमें निम्नलिखित लोग शामिल थे:
- 50 से अधिक सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट।
- विभिन्न तहसीलों और ब्लॉकों के प्रशासनिक कर्मचारी।
- शहरी स्थानीय निकायों के कर्मचारी।
सुरक्षा व्यवस्था और जल सुरक्षा के इंतजाम
भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 1,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
पानी में मूर्ति विसर्जन के दौरान किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए विशेष तैयारी की गई थी। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 100 से अधिक मल्लाहों और गोताखोरों को विसर्जन स्थलों पर तैनात रखा गया था।
प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि इतने बड़े पैमाने के सार्वजनिक आयोजनों की सफलता समुदाय की भागीदारी और समन्वय पर निर्भर करती है। उन्होंने इसे सरकारी सेवकों के समर्पण का परिणाम बताया। विसर्जन की पूरी अवधि के दौरान सतर्कता बनाए रखकर जिले में सार्वजनिक व्यवस्था को सफलतापूर्वक कायम रखा गया, जिससे स्थानीय धार्मिक उत्सव का समापन हुआ।
























