उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के नेशनल प्रेसिडेंट मौलाना मुफ्ती शाहबुद्दीन रज्वी बरेलवी ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
मुफ्ती शाहबुद्दीन रज्वी बरेलवी ने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को यह संवैधानिक आजादी मिली हुई है कि वह देश के किसी भी हिस्से में यात्रा कर सकता है और कहीं भी बैठकें कर सकता है।
हालांकि, उन्होंने अखिलेश यादव के इस दौरे को एक सोची-समझी रणनीति बताया। बरेलवी के मुताबिक यह दौरा असल में ‘हिंदू कार्ड’ खेलने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है।
मुस्लिम समुदाय के सामने खुला असली चेहरा
मौलाना मुफ्ती शाहबुद्दीन रज्वी बरेलवी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के नेता के इस दौरे ने उत्तर प्रदेश के मुस्लिम समुदाय के सामने उनका असली राजनीतिक चेहरा उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अब तक एक मुखौटा पहनकर घूम रहे थे, लेकिन इस कदम से वह मुखौटा पूरी तरह हट गया है।
PDA गठबंधन और राजनीतिक रणनीति पर सवाल
बरेलवी ने तर्क दिया कि ‘हिंदू कार्ड’ खेलने की यह रणनीति पूरी तरह से निष्प्रभावी साबित होगी। उन्होंने सपा प्रमुख के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका PDA गठबंधन पहले ही विफल हो चुका है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि PDA का मतलब पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों से है। बरेलवी के अनुसार इन राजनीतिक दांव-पेचों से अखिलेश यादव को कोई फायदा नहीं मिलने वाला है।
2027 विधानसभा चुनाव का जिक्र
मुफ्ती शाहबुद्दीन रज्वी बरेलवी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इस तरह की कोशिशों का कोई असर नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी 2027 के विधानसभा चुनाव आने में काफी समय है और वह एक दूर की संभावना है।

























