फर्रुखाबाद के जहांगीज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के रतनपुर गांव में रविवार, 4 अक्टूबर 2026 की शाम को एक 72 वर्षीय साधु को गोली मार दी गई। इस हमले में गजेंद्र सिंह गौर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने वाला हमलावर पीड़ित का ही 20 वर्षीय पोता अंकित है। दोनों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण यह हिंसक घटना हुई।
जमीन की बिक्री को लेकर हुआ था विवाद
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि गोलीबारी की मुख्य वजह जमीन का विवाद था। अंकित अपने दादा गजेंद्र सिंह गौर पर दो बीघा जमीन की सेल डीड यानी बिक्री विलेख निष्पादित करने के लिए दबाव बना रहा था।
साधु ने पहले ही अपनी जमीन का एक हिस्सा बेच दिया था, लेकिन इसके बावजूद अंकित लगातार दबाव डाल रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ और अंकित ने अपने दादा पर गोलियां चला दीं।
अस्पताल में इलाज और गंभीर स्थिति
इस झगड़े के दौरान पीड़ित साधु को दो गोलियां लगीं। इनमें से एक गोली उनके सीने में और दूसरी गोली उनके पेट में लगी, जिससे उनकी हालत नाजुक हो गई। घटना के तुरंत बाद घायल व्यक्ति को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल के इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि चोटें बहुत गंभीर थीं। उन्होंने कहा कि मरीज को पहले प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया गया और फिर बेहतर इलाज के लिए उन्हें कन्नौज के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश
गोली चलाने के तुरंत बाद आरोपी अंकित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है और मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की टीमें अब आरोपी को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं। फरार आरोपी अंकित को खोजने और गिरफ्तार करने के प्रयास अभी जारी हैं।

























