उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भरोसा जताया है कि आगामी राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) निर्णायक जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि जैसे ही पार्टी अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी, जीत सुनिश्चित हो जाएगी।
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी को नसीहत दी कि वह सत्ताधारी पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाने के बजाय अपने आंतरिक मामलों को ठीक करने पर ध्यान दे।
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर, 2026 को मतदान तय किया है। इस चुनाव के लिए आधिकारिक अधिसूचना 29 सितंबर, 2026 को जारी की जा चुकी है।
राज्यसभा चुनाव का समीकरण और दावे
वर्तमान विधायी संख्या को देखते हुए यह संकेत मिलते हैं कि BJP और उसके सहयोगी सात से आठ सीटें जीतने की स्थिति में हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी के खाते में दो सीटें जाने की उम्मीद है।
दसवीं सीट के लिए मुकाबला काफी कड़ा बना हुआ है। इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए उम्मीदवार को पहली पसंद के 37 वोटों की जरूरत होगी।
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह उम्मीदवार चुनते समय PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदाय की आकांक्षाओं के बजाय पारिवारिक हितों और धन को प्राथमिकता दे रही है।
भदोही जिले का नाम बदलने का फैसला
भदोही जिले के नाम बदलने के मुद्दे पर ब्रजेश पाठक ने पुष्टि की कि कैबिनेट ने औपचारिक रूप से इस बदलाव को मंजूरी दे दी है। अब इस जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर कर दिया गया है।
पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने पहले जिले का नाम बदलकर भदोही कर दिया था, जिससे संतों और ऐतिहासिक हस्तियों को दिए गए सम्मान को हटा दिया गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 4 अक्टूबर, 2026 को सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि इस जिले को आधिकारिक तौर पर संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने इस बदलाव का संकेत 29 जुलाई, 2026 को वाराणसी में संत रविदास की 650वीं जयंती के दौरान ही दे दिया था।
जिले के नाम का इतिहास और प्रशासनिक फेरबदल
इस जिले के नाम में बदलाव का एक लंबा इतिहास रहा है। इसकी शुरुआत 30 जून, 1994 को हुई जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने इस जिले का गठन किया था।
नाम बदलने के घटनाक्रम इस प्रकार रहे:
- 4 दिसंबर, 1997 को मुख्यमंत्री मायावती ने इसका नाम संत रविदास नगर रखा।
- 12 नवंबर, 1999 को मुख्यमंत्री राम प्रकाश गुप्ता ने इसे ‘संत रविदास नगर भदोही’ नाम दिया।
- 6 दिसंबर, 2014 को अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी की सरकार ने इसे वापस भदोही कर दिया।
ये राजनीतिक घटनाक्रम उत्तर प्रदेश में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बीच हो रहे हैं। 21 सितंबर, 2026 को 34 IAS अधिकारियों और 14 जिलाधिकारियों का तबादला किया गया है।
जानकारों का मानना है कि यह पूरी कवायद आगामी राज्यसभा चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों का हिस्सा है।

























