उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता Keshav Prasad Maurya ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि Samajwadi Party (SP) के प्रमुख Akhilesh Yadav ने उनसे मुलाकात की थी और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई थी।
यह बयान शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को आया। Maurya कानपुर में आयोजित एक ‘Seva Sankalp Abhiyan’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां उनसे कैबिनेट मंत्री Rakesh Sachan और SP नेता की मुलाकात के बारे में सवाल पूछे गए थे, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही।
इस दावे के बाद राजनीति में हलचल मच गई है। दूसरी तरफ, पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh Yadav ने इन आरोपों को मुस्कुराते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि फिलहाल उनसे कोई भी संपर्क नहीं कर रहा है।
PDA रणनीति और राजनीतिक वार-पलटवार
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। Maurya ने केवल दल बदलने के दावे ही नहीं किए, बल्कि Yadav की ‘PDA’ (Pichhada, Dalit, Alpashankhyak) रणनीति पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने इस PDA शब्द को ‘Family Development Agency’ करार दिया। Maurya ने आरोप लगाया कि इस रणनीति का असली मकसद अपराधियों, माफिया, दंगाइयों और गुंडों को बचाना है।
उपमुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत मिलेगा। उन्होंने यह भविष्यवाणी भी की कि आने वाले समय में Samajwadi Party का राजनीतिक प्रभाव और कम होता जाएगा।
गठबंधन और सीटों का समीकरण
Akhilesh Yadav ने इन दावों का जवाब देते हुए अपनी रणनीति को स्पष्ट किया। उन्होंने उस विपक्षी गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिसने 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़ी सफलता हासिल की थी।
उस चुनाव में SP और Congress ने मिलकर उत्तर प्रदेश की कुल 80 सीटों में से 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी। Yadav ने कहा कि 2027 के चुनाव में भी यह गठबंधन बरकरार रहेगा।
उन्होंने यह भी साफ किया कि सीटों के बंटवारे का फैसला ‘winnability’ यानी जीतने की क्षमता के आधार पर लिया जाएगा। इसके साथ ही Yadav ने एक और दावा किया कि सत्ताधारी भाजपा गठबंधन के कई MLA वर्तमान में Samajwadi Party के संपर्क में हैं।

























