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हापुड़ में यूरिया की कालाबाजारी का बड़ा खुलासा, अवैध फैक्ट्री से 184 बोरी खाद बरामद

हापुड़ जिले में प्रशासन ने सरकारी सब्सिडी वाले यूरिया की अवैध कालाबाजारी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। 2 अक्टूबर 2026 को प्रशासन ने एक छापेमारी अभियान चलाया, जिसमें खाद की तस्करी और अवैध इस्तेमाल का बड़ा मामला सामने आया है।

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जिला कृषि अधिकारी Gaurav Prakash के नेतृत्व में कृषि विभाग और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम ने यह ऑपरेशन चलाया। टीम ने बुलंदशहर रोड बाईपास के पास खेतों में चल रही एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पता लगाया। यह इलाका Hafizpur पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने लगभग 184 बोरी सरकारी सब्सिडी वाला यूरिया जब्त किया है। छापेमारी के समय मौके से तीन लोगों को रंगे हाथ पकड़ा गया है, जबकि मुख्य आरोपी फरार है।

पशु आहार में यूरिया मिलाने का खेल

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध यूनिट का इस्तेमाल यूरिया पाउडर को पीसने के लिए किया जा रहा था। इस पिसे हुए यूरिया को कथित तौर पर पशु आहार, विशेष रूप से पोल्ट्री फीड में मिलावट के तौर पर सप्लाई किया जाना था।

इस पूरे गोरखधंधे का मुख्य संचालक Kamil बताया गया है, जो फिलहाल फरार है। Kamil के साथ कुछ अन्य अज्ञात संदिग्ध भी मौके से भागने में सफल रहे। प्रशासन ने अवैध रूप से चल रही इस फैक्ट्री को आधिकारिक तौर पर सील कर दिया है।

कानूनी कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया

घटना के बाद जिला कृषि अधिकारी Gaurav Prakash ने मुख्य आरोपी Kamil और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज कराया है। आरोपियों पर निम्नलिखित कानूनों के तहत केस दर्ज किया गया है:

  • Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला।
  • Fertilizer (Inorganic, Organic or Mixed) Control Order, 1985 के नियमों का उल्लंघन।
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जब्त किए गए यूरिया के सैंपल लैब विश्लेषण के लिए भेज दिए गए हैं। इस जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सब्सिडी वाला यह यूरिया असल में कहां से आया था। जिला कृषि अधिकारी Gaurav Prakash ने पुष्टि की है कि इस यूरिया की सप्लाई चेन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है ताकि यह जाना जा सके कि अन्य जिलों से यह खाद इस अवैध यूनिट तक कैसे पहुंची।

कृषि मंत्री के निर्देशों पर सख्त एक्शन

यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi के निर्देशों के बाद की गई है। मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि किसानों के लिए निर्धारित खाद की कालाबाजारी को पूरी तरह से रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।

स्थानीय पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। पुलिस की टीमें Kamil और उसके अन्य साथियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही हैं।

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