अयोध्या में 7 नवंबर को 10वां वार्षिक दीपोत्सव मनाया जाएगा। इस भव्य आयोजन में 2,100 स्वदेशी ड्रोन्स के जरिए आसमान में एक शानदार शो दिखाया जाएगा। इस कार्यक्रम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या की चर्चा होने की उम्मीद है।
इस उत्सव के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी और रामायण पर आधारित झांकियां निकाली जाएंगी। कार्यक्रम में ‘भारत मिलाप’ का मंचन होगा और एक औपचारिक राज्याभिषेक समारोह भी आयोजित किया जाएगा।
उत्सव की परंपरा के अनुसार सरयू नदी के तट पर विशेष पूजा की जाएगी। इस धार्मिक अनुष्ठान में 2,147 प्रतिभागी शामिल होकर प्रार्थना करेंगे।
मुख्यमंत्री ने की तैयारियों की समीक्षा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर, 2026 को इस आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि धार्मिक मर्यादा और सांस्कृतिक परंपराओं का पूरी तरह पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम होने चाहिए और लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं पूरी तरह कुशल होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की कमी न रहे।
दीपक प्रज्वलन और प्रशासनिक व्यवस्था
इस आयोजन की औपचारिक शुरुआत 23 अक्टूबर को घाट नंबर 10 पर आयोजित एक ‘भूमि पूजन’ समारोह से हुई। इस मौके पर Dr. Ram Manohar Lohia Avadh University के कुलपति Dr. Bijendra Singh मौजूद रहे।
प्रशासनिक योजना के तहत 56 घाटों पर 30 लाख मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। इन दीयों को लगाने के लिए 35,000 स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें से ज्यादातर अवध यूनिवर्सिटी के छात्र होंगे।
दीयों की संख्या को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरती है। टूट-फूट की संभावना को देखते हुए कुल 33 लाख दीयों की खरीद की जा रही है ताकि लक्ष्य पूरा हो सके।
कलाकारों की प्रस्तुति और अंतरराष्ट्रीय मेहमान
ड्रोन शो के अलावा इस उत्सव में लेजर शो और 3D प्रोजेक्शन भी दिखाए जाएंगे। भारत के अलग-अलग राज्यों से 1,000 कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इनमें शामिल राज्य हैं:
- मध्य प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र
- असम, राजस्थान, बिहार, केरल, गोवा और तेलंगाना
इस भव्य आयोजन में 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधि और विभिन्न विदेशी राजदूतों को भी आमंत्रित किया गया है।































