समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 23 अक्टूबर, 2026 को इटावा के सैफई में स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए अपना वोट डाला। मतदान केंद्र का दौरा करने के बाद अखिलेश यादव ने मतदाताओं से मतदान करने की पुरजोर अपील की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आम लोगों की भागीदारी बहुत जरूरी है। यह चुनाव उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधान परिषद चुनाव और मतदान की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में कुल 11 सीटों पर यह चुनाव हो रहा है। इनमें से पांच सीटें स्नातकों के लिए और छह सीटें शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं। इस चुनावी मुकाबले में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में हैं।
मतदान की प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे के बीच तय की गई थी। वोट डालने के लिए बैलट पेपर का इस्तेमाल किया गया, जिस पर चुनाव आयोग द्वारा दिए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन से निशान लगाया गया। इन चुनावों के नतीजे 27 अक्टूबर, 2026 को घोषित किए जाएंगे।
बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने इस मौके पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने वोटर लिस्ट में हेरफेर किया है और समाजवादी पार्टी के समर्थकों को वोट डालने से रोका गया है।
उन्होंने खास तौर पर आगरा, फतेहपुर, गोरखपुर और जौनपुर जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां मतदाताओं को दबाया गया। इसके अलावा उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि आयोग चुनावी गड़बड़ियों को रोकने में नाकाम रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’ खोलनी चाहिए ताकि वे अपनी इन तकनीकों को संस्थागत रूप दे सकें।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी और मतदान का आंकड़ा
अखिलेश यादव के साथ पार्टी के कई अन्य बड़े नेताओं ने भी अपने वोट डाले। इनमें शामिल सदस्य थे:
- सामान्य सचिव शिवपाल सिंह यादव
- सरला यादव
- राम गोपाल यादव
- अक्षय यादव
- डॉ. रिचा यादव
इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में कुल 2,697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 14.81 लाख पंजीकृत मतदाता वोट डाल रहे हैं।
मतदान केंद्रों पर झड़प और हिंसा की खबरें
दिन भर मतदान के दौरान कई जगहों पर टकराव की खबरें आईं। मैनपुरी के किशनी में बीजेपी और सपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, वहीं वाराणसी में एक सपा उम्मीदवार के साथ हाथापाई की खबर मिली। इसके अलावा मैनपुरी के बेवर से फर्जी मतदान की रिपोर्ट भी सामने आई।
दोपहर 2 बजे तक कुल मतदान लगभग 40 प्रतिशत दर्ज किया गया। मेरठ, आगरा, लखनऊ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी मंडलों में मतदान के अलग-अलग स्तर देखे गए।































