उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान संपन्न हुआ। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया में कुल 64.24 प्रतिशत वोट डाले गए।
इस चुनाव में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोटिंग हुई। राज्य के 72 जिलों में कुल 2,697 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे, जहां 152 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई।
विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत
दोपहर 2:00 बजे तक कुल मतदान 40.87 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की स्थिति इस प्रकार रही:
- लखनऊ ग्रेजुएट: 27.53%
- वाराणसी ग्रेजुएट: 28.59%
- आगरा ग्रेजुएट: 32%
- मेरठ ग्रेजुएट: 30.38%
- इलाहाबाद-झांसी ग्रेजुएट: 26.30%
- लखनऊ टीचर: 36.50%
- वाराणसी टीचर: 57.97%
- आगरा टीचर: 48.20%
- मेरठ टीचर: 46.66%
- बरेली-मुरादाबाद टीचर: 59.17%
- गोरखपुर-फैजाबाद टीचर: 56.32%
शाम 4:00 बजे जब मतदान समाप्त हुआ, तब गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 79.09 प्रतिशत का भारी मतदान दर्ज किया गया। इसके अलावा बस्ती जिले में 86.5 प्रतिशत और संत कबीर नगर में 86.30 प्रतिशत वोट पड़े।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और कानूनी कार्रवाई
चुनाव के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक दलों ने चिंता जताई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिनवा ने पुष्टि की कि 1.48 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 158 प्रविष्टियों में गलत डेटा था।
उनके अनुसार, यह गड़बड़ी ट्रांसलेशन सॉफ्टवेयर की गलतियों के कारण हुई थी, जिससे कुछ जगहों पर गलत अक्षर या टेक्स्ट दिखाई दे रहे थे। पीलीभीत और इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अनियमितताओं की खबरें मिली थीं।
इन शिकायतों के बाद नवदीप रिनवा ने जांच के आदेश दिए और झांसी के मंडल आयुक्त विमल कुमार दुबे ने इन गलतियों की पुष्टि की। पीलीभीत में वोटर लिस्ट की गड़बड़ी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
राजनीतिक टकराव और सुरक्षा इंतजाम
पूरे दिन समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच कई जगहों पर झड़पें हुईं। समाजवादी पार्टी ने बोगस वोटिंग और बूथ कैप्चरिंग के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा के सैफई में अपना वोट डाला और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। वहीं, लखनऊ में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने मतदान किया।
चुनाव की शुचिता बनाए रखने के लिए वोटर फोटो आईडी कार्ड के साथ 10 अन्य वैकल्पिक पहचान दस्तावेजों को मान्य किया गया था। साथ ही, चुनाव के दिन पूरे राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। इन 11 सीटों के लिए वोटों की गिनती 27 अक्टूबर 2026 को होगी।































