उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के अमरिया कस्बे में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 की रात को हुए ट्रिपल मर्डर का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में हमलावर हाईवे पर हथियार लहराते और लोगों को डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं। गोलीबारी के दौरान वहां मौजूद लोगों के बीच भारी भगदड़ मच गई और चारों तरफ दहशत फैल गई।
इस हिंसक हमले में तीन लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में अंकित गुप्ता, उनका भाई मोहित गुप्ता और 15 साल का एक राहगीर कुणाल श्रीवास्तव शामिल हैं। कुणाल श्रीवास्तव को गोली लगी थी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
अंकित गुप्ता की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं मोहित गुप्ता को गंभीर हालत में बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति रोज गुप्ता भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज बरेली में चल रहा है।
रामलीला कमेटी के पैसों के विवाद में खूनी संघर्ष
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह ट्रिपल मर्डर रामलीला कमेटी के खातों से जुड़े पुराने वित्तीय विवाद का नतीजा है। पैसों के लेनदेन को लेकर दो गुटों के बीच काफी समय से तनाव चल रहा था।
कमेटी की एक बैठक के दौरान यह तनाव इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों के बीच झगड़ा शुरू हो गया। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और हमलावरों ने हथियारों से हमला कर दिया।
हमलावरों की पहचान और पुलिस की कार्रवाई
मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी राइफल और अन्य अवैध हथियारों से फायरिंग की। इस हमले में कौशल गुप्ता के साथ उनके भाई हर्षिता, पिता नरेश, चाचा संतोष गुप्ता, चचेरे भाई रचित गुप्ता, राकेश अरोड़ा और आशु ने भी उनकी मदद की।
पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी राइफल, एक अवैध तमंचा, कई डंडे और हमले में इस्तेमाल किए गए दो वाहन बरामद किए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों का दौरा और सुरक्षा इंतजाम
घटना की गंभीरता को देखते हुए कई बड़े अधिकारियों ने क्राइम सीन का निरीक्षण किया है। इसमें डीआईजी अजय कुमार साहनी, एसपी सुकीर्ति माधव, डीएम आलोक कुमार, एएसपी हिमांशु गौरव और असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नताशा गोयल शामिल रहीं।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमरिया कस्बे में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इस हिंसा के बाद मृतकों की मां ने सार्वजनिक रूप से मांग की है कि राज्य प्रशासन आरोपियों का एनकाउंटर करे।































