उत्तर प्रदेश के जेल राज्य मंत्री Suresh Rahi ने 2 अक्टूबर 2026 की देर रात Sitapur District Hospital का औचक निरीक्षण किया। मंत्री अस्पताल में अपने एक बीमार परिचित की मदद के लिए पहुंचे थे।
अस्पताल पहुंचने पर उन्हें वहां भारी अव्यवस्था और गलत कामों की खबरें मिलीं। मंत्री Suresh Rahi ने आरोप लगाया कि अस्पताल परिसर में अनधिकृत लोग घूम रहे हैं और मरीजों से पैसे वसूल रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल के कामकाज पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) Dr. Indra Singh के नेतृत्व और कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की।
CMS के इलाज और अस्पताल की गुणवत्ता पर सवाल
मंत्री Suresh Rahi ने सवाल उठाया कि CMS Dr. Indra Singh खुद लखनऊ में अपना इलाज करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि CMS को अपने ही अस्पताल के इलाज पर भरोसा नहीं है, तो आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बहुत खराब होगी।
मंत्री ने अस्पताल की गंभीर कमियों को उजागर किया। उन्होंने बताया कि डॉक्टर बिना किसी उचित जांच के गंभीर रूप से बीमार मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर देते हैं।
मरीजों के साथ भेदभाव और सुविधाओं का अभाव
निरीक्षण के दौरान एक विशिष्ट घटना का जिक्र किया गया। एक मरीज के परिजनों ने बाहर से खून का इंतजाम किया था, फिर भी ब्लड ट्रांसफ्यूजन के लिए मरीज को दो घंटे से ज्यादा का इंतजार करना पड़ा।
मंत्री ने इस बात की निंदा की कि अस्पताल में केवल उन लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है जो पैसे दे सकते हैं। वहीं, अन्य गरीब मरीजों को लगातार लखनऊ रेफर किया जा रहा है।
Suresh Rahi ने अपनी व्यक्तिगत आदतों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्थानीय डॉक्टरों के अनुभव पर भरोसा करते हैं और हमेशा Sitapur District Hospital में ही इलाज कराते हैं।
लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की चेतावनी
मंत्री ने अस्पताल के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्टाफ अपनी ड्यूटी ठीक से नहीं निभा रहा है, फिर भी नियमित वेतन ले रहा है।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि अस्पताल में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का भी अभाव है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि वे इन सभी शिकायतों को सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।

























