उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत चार राज्यों में आज सुबह 8:00 बजे से 28 विधान परिषद (MLC) सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। इस चुनाव प्रक्रिया में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। मतदान का यह पूरा सिलसिला शाम 4:00 बजे समाप्त हो जाएगा।
सभी 28 सीटों के लिए वोटों की अंतिम गिनती 27 अक्टूबर 2026 को की जाएगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश में मतदान की व्यापक तैयारी
उत्तर प्रदेश के 72 जिलों में कुल 2697 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहाँ 14.81 लाख मतदाता अपना वोट डालने के पात्र हैं, जो 152 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने स्पष्ट किया है कि यदि वोटर लिस्ट में मामूली क्लर्कियल या प्रिंटिंग की गलतियां हैं, तो भी मतदाताओं को वोट देने से नहीं रोका जाएगा। इसके लिए मतदाताओं को अपना वैध पहचान पत्र दिखाना होगा।
पहचान पत्र और मतदान की प्रक्रिया
मतदान के लिए पहचान के तौर पर फोटो आईडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट या सरकार द्वारा जारी सर्विस पहचान पत्र मान्य होंगे। वोटिंग बैलेट पेपर के जरिए हो रही है, जिसमें मतदाता नंबरों के जरिए अपनी पसंद (प्रेसफरेंस) दर्ज कर रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कुछ खास कदम उठाए गए हैं:
- पंजीकृत मतदाता कर्मचारियों और शिक्षकों को विशेष आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) दिया गया है।
- संबंधित क्षेत्रों में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता लागू है।
- पोलिंग पार्टियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान केंद्रों पर राजनीतिक प्रतिनिधियों से किसी भी तरह का सत्कार या मेहमाननवाजी स्वीकार न करें।
प्रमुख नेताओं की भागीदारी और विवाद
चुनाव में राजनीतिक दिग्गजों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने इटावा में और बीजेपी उपाध्यक्ष नीरज सिंह ने लखनऊ में अपना वोट डाला। वहीं, महाराष्ट्र में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान किया।
बीजेपी ने उत्तर प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत का भरोसा जताया है। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने पुष्टि की है कि इन शिकायतों की जांच की जा रही है। इलाहाबाद-झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को सुलझाने के लिए झांसी कमिश्नर कार्यालय में एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया गया है।































