लखनऊ का फैजुल्लागंज इलाका शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2026 तक भीषण बाढ़ की चपेट में है। इस आपदा के कारण इलाके के लगभग 40,000 घर पानी में डूब गए हैं और करीब 3,00,000 निवासी इससे प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर है कि 10,000 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह पिछले 18 वर्षों की सबसे भीषण बाढ़ है।
इस आपदा ने मिलत नगर, जैनब मस्जिद, राम विहार कॉलोनी, मामा कॉलोनी, दौदनगर और पवन विहार जैसे इलाकों को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिला मजिस्ट्रेट Vishakh G. Iyer और पुलिस के जॉइंट कमिश्नर Bablu Kumar ने प्रभावित स्थलों का दौरा किया है।
गोमती नदी के जलस्तर में वृद्धि और प्रशासनिक प्रयास
डीएम Vishakh G. Iyer ने बताया कि गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की वजह से BKT तहसील के कई इलाकों में पानी भर गया है। इनमें लासा, बहादुरपुर, सुल्तानपुर और अकड़िया मौ जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए 24 नावें तैनात की हैं और 10 अतिरिक्त नावें मंगवाने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक टीम प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल सहायता, फॉगिंग और सूखे राशन किट उपलब्ध करा रही है।
बचाव कार्य में कमियां और स्थानीय लोगों का आक्रोश
प्रशासनिक दावों के बावजूद स्थानीय निवासियों ने नावों की भारी कमी और लंबे इंतजार की शिकायत की है। लोगों का आरोप है कि कुछ नाव चलाने वाले परिवहन के लिए पैसों की मांग कर रहे हैं।
पानी में डूबे घरों में रात के समय चोरी होने की खबरें भी सामने आई हैं। विधायक Dr. Neeraj Bora ने नाव के जरिए दौरा कर राहत सामग्री वितरित की है।
इस संकट के बीच एक डेढ़ साल की बच्ची की मौत की खबर आई है। परिजनों का आरोप है कि जलभराव के कारण समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे बच्ची की जान गई। गर्भवती महिलाओं ने भी अस्पताल तक आपातकालीन परिवहन को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
प्रशासन के कामकाज से नाराज ममता त्रिपाठी सहित कई कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वहीं, दुर्गा वहिनी जैसे संगठन लोगों को फूड पैकेट बांट रहे हैं।
बाढ़ रोकने के लिए नए तटबंध का प्रस्ताव
भविष्य में इस समस्या से निपटने के लिए लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (LDA) ने एक बड़ा प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है। LDA ने IIM रोड से पक्का पुल तक गोमती के बाएं किनारे पर तटबंध बनाने के लिए 182.16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह प्रस्ताव वित्त वर्ष 2026-27 के लिए हाउसिंग एंड अर्बन प्लानिंग डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भेजा गया है। इस परियोजना का लक्ष्य 10,000 से अधिक निवासियों को बाढ़ से स्थायी राहत दिलाना है।

























