
ढाई करोड़ की लागत से हुआ मरम्मत कार्य, निर्धारित समय पर पूरा हुआ काम
एडिटर जर्नलिस्ट केके शुक्ल
बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद सोमवार को छोटे वाहनों के लिए यातायात शुरू कर दिया गया। अधिकारियों द्वारा पूर्व निर्धारित तिथि के अनुसार 8 जून को पुल को आंशिक रूप से खोलने की घोषणा की गई थी, जिसके क्रम में सोमवार सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया।
करीब 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिससे लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
दो जनपदों को जोड़ने वाले सेतु पर लौटी रौनक
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने बताया कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय के अनुसार पूरे कर लिए गए हैं। आधिकारिक पुष्टि के बाद सोमवार से छोटे वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दे दी गई है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, इसलिए बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी अनंत मौर्य एवं इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि 8 जून से संजय सेतु पर छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे। पुल खुलने के साथ ही क्षेत्रवासियों और यात्रियों में खुशी का माहौल देखा गया। संजय सेतु दो जनपदों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिसके चालू होने से आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा।






























