Jio Platforms Limited ने उन्नत डिजिटल तकनीकों के लिए आधिकारिक तौर पर 7,220 पेटेंट आवेदन दर्ज किए हैं। इस उपलब्धि के साथ कंपनी वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गनाइजेशन (WIPO) की 2025 की पेटेंट रैंकिंग में ग्लोबल टॉप 20 में शामिल होने वाली एकमात्र भारतीय कंपनी बन गई है।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 15 अक्टूबर, 2026 को इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कंपनी भारतीय इतिहास के सबसे बड़े इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तैयारी कर रही है।
डिजिटल उत्पादों और तकनीक के विकास के लिए कंपनी के पास 12,477 फुल-टाइम कर्मचारियों की एक बड़ी वर्कफोर्स है। निवेशक ब्रीफिंग के दौरान आकाश अंबानी ने बताया कि कुल स्टाफ में से लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा इस इंजीनियरिंग टीम का है।
पेटेंट आवेदनों का विवरण और तकनीकी फोकस
पैरेंट फर्म रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 2016 में 4G सेवाओं की शुरुआत के बाद से ही स्वदेशी टेक्नोलॉजी स्टैक बनाने पर पूरा ध्यान दिया है। 14 अक्टूबर, 2026 को सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) और रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के दस्तावेजों में पेटेंट के सटीक आंकड़े दिए गए हैं।
30 जून, 2026 तक दर्ज कुल 7,220 आवेदनों में से कंपनी ने 2,655 आवेदन भारत के भीतर जमा किए हैं। वहीं, बाकी के 4,565 आवेदन विभिन्न विदेशी क्षेत्रों में दाखिल किए गए हैं। ये पेटेंट 5G और 6G कोर नेटवर्क, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं।
IPO के जरिए फंड जुटाने और निवेश की योजना
Jio Platforms अपने आने वाले पब्लिक ऑफरिंग के माध्यम से 30,213 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रख रही है। जो निवेशक इसमें रुचि रखते हैं, वे 1,065 रुपये से 1,119 रुपये के प्राइस बैंड के बीच शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इस IPO के लिए सब्सक्रिप्शन विंडो 21 अक्टूबर को खुलेगी और 23 अक्टूबर को बंद होगी। कंपनी की लिस्टिंग 28 अक्टूबर को होने की उम्मीद है। IPO से जुटाया गया सारा फंड सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के कर्ज चुकाने के काम में लाया जाएगा।
कंपनी वर्तमान में दुनिया की एकमात्र ऐसी डिजिटल कनेक्टिविटी प्रदाता है जिसने बड़े पैमाने पर एंड-टू-एंड 5G स्टैंडअलोन टेक्नोलॉजी स्टैक तैनात किया है। आधिकारिक IPO फाइलिंग में एनालिसिस मेसन की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है, जिसके अनुसार भारत उन चुनिंदा पांच देशों में शामिल है जिनके पास ऐसा स्वदेशी बुनियादी ढांचा है।
भविष्य के लक्ष्य और बाजार की चुनौतियां
आकाश अंबानी ने कहा कि Jio का लक्ष्य वैश्विक स्तर पर सभी 6G पेटेंटों में से 10 प्रतिशत हासिल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य का समर्थन करना है। हालांकि, उद्योग के कुछ जानकारों ने आवेदन करने और पेटेंट मिलने के बीच के अंतर की ओर इशारा किया है।
यह रैंकिंग पेटेंट सहयोग संधि (PCT) के डेटा पर आधारित है। पोर्टफोलियो का अंतिम मूल्यांकन अमेरिका और यूरोप जैसे प्रमुख बाजारों में ग्रांट रेट की लंबी ट्रैकिंग के बाद ही संभव होगा। प्रॉस्पेक्टस एक सत्यापित आधार तो देता है, लेकिन हर फाइल के व्यावसायिक उपयोग और भविष्य में बाहरी लाइसेंसिंग या AI पार्टनरशिप की संभावनाओं पर सवाल बने हुए हैं।
बाजार का ध्यान अब 19 अक्टूबर के आसपास शुरू होने वाली बुक बिल्डिंग प्रक्रिया और एंकर इन्वेस्टर हिस्से की ओर है। निवेशक यह देखेंगे कि क्या प्रोप्रायटरी टेक्नोलॉजी पर यह जोर एंटरप्राइज रेवेन्यू या नई सर्विस क्षमताओं को बढ़ा पाता है।
- सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और प्री-6G विकास पर अपडेट इंडिया मोबाइल कांग्रेस जैसे आगामी मंचों पर मिलने की उम्मीद है।
- इन दावों के प्रमाण 14 अक्टूबर, 2026 को दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में मौजूद हैं।
- CNBC-TV18, Moneycontrol, Business Today और The Economic Times की रिपोर्टों ने भी इन खुलासों का समर्थन किया है।

























