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गोंडा डीएम प्रियंका निरंजन का सख्त एक्शन, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की कटेगी सैलरी

गोंडा की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। 14 अक्टूबर 2026 को कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीएम डैशबोर्ड, राजस्व वसूली और विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की जांच की गई।

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बैठक के दौरान डीएम ने पाया कि जन शिकायतों का निपटारा सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड ग्रीवेंस रिड्रेसल सिस्टम (IGRS) पोर्टल पर दर्ज फीडबैक असंतोषजनक था, जिससे जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। जवाबदेही तय करने के लिए उन्होंने कई अधिकारियों के एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

वेतन कटौती की जद में आने वाले अधिकारियों में ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) शामिल हैं। इनमें इटियाथोक, पाण्डरी कृपाल, वजीरगंज, रुपईदिया, छपिया, मनकापुर और नवाबगंज के BDO शामिल हैं। साथ ही शिक्षा विभाग के ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (BEO) पर भी कार्रवाई की गई है।

इनमें मुजेहना, बेलसर, पाण्डरी कृपाल, कटरा बाजार, झंझरी, रुपईदिया और हलधरमऊ के BEO शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अधीक्षक भी इस आदेश के दायरे में आए हैं। इनमें करनैलगंज, तरबगंज, इटियाथोक, रुपईदिया और परसपुर के अधीक्षक शामिल हैं।

इसके अलावा, निम्नलिखित अधिकारियों के वेतन में भी कटौती की जाएगी:

  • कटरा बाजार और करनैलगंज की बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO)।
  • नगर पंचायत बेलसर के अधिशासी अधिकारी।
  • इटियाथोक, वजीरगंज, रुपईदिया, नवाबगंज, बभनजोत, मनकापुर, छपिया, पाण्डरी कृपाल और मुजेहना के सहायक विकास अधिकारी (ADO) पंचायत।

शिकायतों के निपटारे और राजस्व मामलों पर निर्देश

डीएम प्रियंका निरंजन ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है, तभी शिकायत को बंद माना जाएगा। उन्होंने तहसील के उन लेखपालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया, जहां सबसे अधिक असंतोषजनक फीडबैक मिला है।

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न्यायिक मामलों को लेकर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन राजस्व मामलों का निपटारा पिछले तीन से पांच वर्षों से लंबित है, उन्हें प्राथमिकता दी जाए। इन मामलों की व्यवस्थित सुनवाई कर उन्हें जल्द सुलझाया जाए ताकि जनता को समय पर न्याय मिल सके।

बैठक में सीएम डैशबोर्ड पर विभागीय प्रगति और टैक्स राजस्व वसूली की भी विस्तृत समीक्षा की गई। डीएम ने दोहराया कि जनसेवा में संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता रहेगी।

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