बाराबंकी के नवाबगंज स्थित रामना आजाद नगर की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला रामवती ने पुलिस अधीक्षक (SP) से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके अपने ही रिश्तेदार उन्हें जबरन उनके घर से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
रामवती का दावा है कि उनके पति के भतीजों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और वहां ताला लगा दिया है। यह घर उनके ससुर Mewalal Verma ने वसीयत के जरिए उनके परिवार के नाम किया था।
रामवती इस घर में अपनी बेटी और दामाद के साथ रहती हैं। उन्होंने बताया कि उनके रिश्तेदार उन्हें, उनकी बेटी और दामाद को शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं और उनके साथ गाली-गलौज करते हैं।
वसीयत के बावजूद घर खाली कराने का दबाव
रामवती के अनुसार, उनके ससुर Mewalal Verma ने साल 2024 में यह वसीयत उनके परिवार के पक्ष में की थी। इसके बावजूद उनके रिश्तेदार उन्हें जबरदस्ती संपत्ति खाली करने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
बुजुर्ग महिला ने अपनी दहशत जाहिर करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार लगातार डर के साये में जी रहे हैं। उन्हें डर है कि रिश्तेदारों द्वारा उनके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
बाराबंकी पुलिस प्रशासन की नई तैनाती
12-13 अक्टूबर 2026 की जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी की नई पुलिस अधीक्षक Ravina Tyagi बनी हैं। वह 2014 बैच की IPS अधिकारी हैं और उन्होंने 8 अक्टूबर 2026 को अपना कार्यभार संभाला है।
Ravina Tyagi ने 12 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने वहां की सुविधाओं और वाहनों की जांच की और उत्तर प्रदेश पुलिस के कर्मियों को जरूरी निर्देश जारी किए।
जिले में जमीन विवाद के अन्य मामले
बाराबंकी में हाल के दिनों में जमीन विवाद और आपराधिक घटनाओं के कई मामले सामने आए हैं। इनमें कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
- एक 75 वर्षीय पत्नी ने अपने 80 वर्षीय पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जो लगभग एक साल की कानूनी लड़ाई के बाद 13 सितंबर 2026 को अदालत में सुलझ गया।
- 22 सितंबर 2026 को Sheshmati Gautam नाम की एक विधवा महिला ने अपनी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ न्याय की मांग की थी।
- 19 सितंबर 2026 को जमीन विवाद के चलते एक हिंसक झड़प हुई थी।
- 6 अक्टूबर 2026 को सड़क विवाद के कारण लोगों के बीच शारीरिक मारपीट हुई थी।































