एटा के ग्रैंड ट्रंक (GT) रोड पर 7 अक्टूबर 2026 को यातायात पूरी तरह ठप हो गया। किसान धर्मकांटा और गल्ला मंडी के पास वाहनों के बेतरतीब ढंग से खड़े होने की वजह से यहां भारी जाम लग गया।
इस जाम के कारण राहगीरों और रोडवेज बसों को कई घंटों तक सड़क पर फंसे रहना पड़ा। इस स्थिति से आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
फसलों की आवक से बढ़ा ट्रैफिक का दबाव
सड़क पर लगा यह जाम मुख्य रूप से मौसमी मक्का और धान से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों की भारी भीड़ की वजह से लगा। जब फसलें मंडी में आती हैं, तो भारी वाहनों की संख्या बढ़ जाती है।
यह समस्या अक्सर फसल कटाई के सीजन के दौरान देखी जाती है। जब भारी वाहन धर्मकांटों पर उपज की तौल के लिए इंतजार करते हैं, तो वे मुख्य रास्ते को बाधित कर देते हैं।
प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी और जनता का रोष
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जिलाधिकारी M. Arunmoli ने यातायात प्रवाह को व्यवस्थित रखने के स्पष्ट निर्देश दिए थे, लेकिन जमीन पर कोई बदलाव नहीं दिखा।
लोगों का मानना है कि डीएम के आदेशों के बावजूद व्यवस्था वैसी ही बनी हुई है। इस वजह से रोजमर्रा की यात्रा करने वाले लोग काफी परेशान हैं।
मंडी अधिकारियों द्वारा उठाए गए कदम और नियम
इस संकट से निपटने के लिए मंडी अधिकारियों ने पहले कुछ रणनीतियां लागू करने की कोशिश की थी। इसमें व्यावसायिक वाहनों के लिए कुछ कड़े नियम बनाए गए थे:
- ट्रकों की लोडिंग का समय रात 8 बजे से सुबह 7 बजे के बीच सीमित करना।
- अलीगंज और जीटी रोड पर कमर्शियल वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह रोक लगाना।
डीएम M. Arunmoli ने विशेष रूप से आदेश दिया था कि वाहनों का प्रवेश और निकास एक ही लाइन में प्रबंधित किया जाए। साथ ही, वेइ-स्लिप्स पर विस्तृत ट्रैकिंग और मंडी गेटों पर पुलिस की तैनाती बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए थे।
इन तमाम निर्देशों के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। अब नागरिक इस समस्या का एक मजबूत और स्थायी समाधान चाहते हैं ताकि एटा में यात्रा बाधित न हो।

























