बाराबंकी में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत काम करने वाले संविदा कर्मचारियों ने आज अपनी शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के कैंपस में एकत्र होकर विरोध जताया।
इस प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के सामने अपनी समस्याओं को रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर अब पीछे नहीं हटेंगे और अपनी आवाज बुलंद करना जारी रखेंगे।
लखनऊ कूच और आंदोलन की चेतावनी
मंडल अध्यक्ष ज्ञानेंद्र भारती ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी 12 तारीख को लखनऊ की ओर कूच करेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो बाराबंकी जिले के सभी संविदा कर्मी 12 तारीख को लखनऊ के इको गार्डन में विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि इस स्थिति में होने वाली किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग
जिला अध्यक्ष राम प्रताप सिंह ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए सभी कर्मचारियों के बीच एकता होना बहुत जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिकारों की लड़ाई के लिए सामूहिक संघर्ष करना आवश्यक है।
जिला महासचिव डॉ. रईस खान ने इस बात पर जोर दिया कि सभी कैडर इस प्रयास में एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारी समान कार्य के लिए समान वेतन के हकदार हैं। उन्होंने संगठन की मजबूती का दावा करते हुए कहा कि इसे न तो तोड़ा जा सकता है और न ही गुमराह किया जा सकता है।
जिले भर के कर्मचारियों की एकजुटता
प्रदर्शन में शामिल सभी कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से अपनी एकजुटता की शपथ ली। उन्होंने अपने हक की लड़ाई के लिए मिलकर लड़ने की तैयारी जताई। इस विरोध प्रदर्शन में जिले के सभी ब्लॉकों से बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंचे थे।
इस कार्यक्रम में निम्नलिखित पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति रही:
- जिले के विभिन्न ब्लॉकों के ब्लॉक अध्यक्ष
- विभिन्न ब्लॉकों के ब्लॉक सचिव
- जिले के सभी ब्लॉकों से आए बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी
सभी उपस्थित कर्मियों ने इस बात की पुष्टि की कि वे अपनी आवश्यकताओं के पूरा होने तक इस आंदोलन को जारी रखेंगे।

























