उत्तर प्रदेश के ललितपुर में झांसी की एंटी-करप्शन टीम ने एक लेखपाल को गिरफ्तार किया है। लेखपाल की पहचान विपुल तिवारी के रूप में हुई है, जिन्हें 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।
विपुल तिवारी तोरिया गांव में तैनात हैं। उनके खिलाफ यह कार्रवाई मनोज राजपूत नाम के एक किसान द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई है।
रिश्वत की मांग और तय हुई रकम
किसान मनोज राजपूत के आरोपों के अनुसार, लेखपाल विपुल तिवारी ने जमीन की पत्थरगड़ी (stone-fixing) के काम और सेक्शन 30/2 के तहत कार्रवाई करने के बदले में कुल 50,000 रुपये की मांग की थी।
काफी बातचीत के बाद रिश्वत की यह रकम घटाकर 25,000 रुपये तय की गई थी। आरोपी लेखपाल ने किसान को भुगतान के लिए ललितपुर कोतवाली क्षेत्र की डमडम व्यास कॉलोनी स्थित अपने घर बुलाया था।
रिश्वत लेते समय पत्नी ने नोट जलाने का किया प्रयास
जब किसान ने पहली किस्त के तौर पर 15,000 रुपये दिए, तो तिवारी ने वह नकदी अपनी पत्नी को थमा दी। गवाहों ने बताया कि एंटी-करप्शन टीम को देखते ही लेखपाल की पत्नी ने रसोई के अंदर उन करेंसी नोटों को जलाने की कोशिश की।
झांसी की एंटी-करप्शन टीम ने तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान टीम ने समय रहते हस्तक्षेप कर सबूत सुरक्षित किए।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
गिरफ्तार किए गए आरोपी लेखपाल को पूछताछ के लिए कोतवाली ललितपुर पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। पुलिस अब उनसे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
वर्तमान में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

























