दिल्ली पुलिस जंतर मंतर पर आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल अंकित कसाना पर हुए हमले के बाद अब FIR दर्ज करने की तैयारी कर रही है। यह घटना 7 अक्टूबर 2026 को हुई थी, जब कांग्रेस पार्टी के सदस्य वहां प्रदर्शन कर रहे थे।
कांस्टेबल अंकित कसाना का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें भीड़ ने घेर लिया था। उनके अनुसार, करीब 40 से 50 प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेरकर उन पर हमला किया।
पीड़ित कांस्टेबल ने बताया कि भीड़ ने उनके साथ शारीरिक हिंसा की और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए दुर्व्यवहार किया।
हमले में कांस्टेबल को आईं गंभीर चोटें
कांस्टेबल कसाना ने अपनी रिपोर्ट में विस्तार से बताया कि इस झगड़े के दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी उंगली को दांतों से काट लिया। इसके अलावा, भीड़ ने उनके चेहरे और शरीर पर अपने नाखूनों से गहरे खरोंच मार दिए।
इस घटना के बाद घायल कांस्टेबल अंकित कसाना को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) Hospital में भर्ती कराया गया। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि हमलावरों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कांस्टेबल ने यह भी सुझाव दिया है कि भीड़ प्रबंधन की ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए जाने चाहिए।
प्रदर्शन का कारण और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राजधानी में यह घटना उस समय हुई जब तनाव काफी बढ़ गया था। कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के सदस्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे और SIR विवाद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
इस पूरे मामले और खुद के खिलाफ FIR दर्ज होने की संभावना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस तरह की कानूनी कार्रवाइयों से डरे हुए नहीं हैं।
पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस उन धाराओं के तहत चार्ज तय कर रही है जो सरकारी कर्मचारियों पर हमले और ड्यूटी के दौरान काम में बाधा डालने से जुड़ी हैं।
प्रदर्शनकारियों के व्यवहार की जांच अभी जारी है। पुलिस की टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमले में कौन-कौन शामिल था ताकि उचित कार्रवाई की जा सके।

























