उन्नाव के बंगरमौ थाना क्षेत्र के गंजमुरादाबाद स्थित खत्रीयाना मोहल्ले में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 की सुबह एक हिंसक घटना घटी। यहाँ 35 वर्षीय लोडर ड्राइवर दिलशाद, जिसे पप्पू के नाम से भी जाना जाता था, की उसके अपने ही परिवार के सदस्यों ने मिलकर हत्या कर दी।
इस वारदात में दिलशाद के पिता, उसके तीन भाई और एक साले का हाथ है। यह पूरी घटना परिवार के घर को लेकर चल रहे एक संपत्ति विवाद का नतीजा बताई जा रही है, जो पिछले करीब ढाई साल से जारी था।
घर के विवाद और हमले की पूरी कहानी
मृतक की पत्नी सुफिया बानो के मुताबिक, 6 अक्टूबर 2026 की शाम को घर में तनाव काफी बढ़ गया था। यह विवाद वॉशिंग मशीन को रखने की जगह को लेकर शुरू हुआ था, जिसके बाद सुफिया बानो पर उनके ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने शारीरिक हमला किया।
अगले दिन यानी बुधवार सुबह करीब 10:00 बजे दिलशाद अपने लोडर की चाबियाँ लेने के लिए परिवार के घर पहुँचा। जैसे ही वह वहाँ पहुँचा, उसके पिता मुर्तजा, भाइयों शाहजाद, इरशाद (जो दिव्यांग है) और एजाज, और एक अज्ञात साले ने उस पर हमला कर दिया।
हमलावरों के पास तलवारें और अन्य धारदार हथियार थे, जिनसे उन्होंने दिलशाद पर वार किए। दिलशाद ने अपनी जान बचाने के लिए वहाँ से भागने की कोशिश की, लेकिन वह करीब 50 मीटर दूर जाकर गिर गया और उसकी मौत हो गई। इस हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी
सुफिया बानो ने घटना के बाद पांच नामजद लोगों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। बंगरमौ थाना प्रभारी अखिलेश चंद्र पांडेय ने पुष्टि की है कि केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मृतक के पिता मुर्तजा और उसके भाई इरशाद को हिरासत में ले लिया है।
जांच के लिए बंगरमौ सर्किल ऑफिसर हर्ष मोदी और स्थानीय पुलिस निरीक्षण टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने दिलशाद के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों के आरोप और वर्तमान स्थिति
सुफिया बानो ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले दिन उन पर हुए हमले के बाद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और न ही किसी को गिरफ्तार किया, जिससे हमलावरों के हौसले बढ़ गए।
इस घटना के बाद सुफिया बानो अपने डेढ़ साल के बेटे के साथ कानपुर के रसूलबाद स्थित अपने मायके चली गई हैं। वह पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहीं पर अंतिम संस्कार करने की योजना बना रही हैं।

























