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मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, ध्रुव राठी और प्रकाश राज बेंगलुरु में करेंगे प्रदर्शन

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इस आंदोलन में यूट्यूबर ध्रुव राठी, अभिनेता प्रकाश राज और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके हिस्सा लेंगे।

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ये सभी लोग 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन CJP ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) जैसे समूहों के साथ मिलकर किया है।

यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे एक बड़े देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा है। बेंगलुरु के कार्यक्रम के बाद ध्रुव राठी 10 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले एक अन्य विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे।

चुनाव आयोग और विपक्षी नेताओं के बीच विवाद

ये तमाम विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग और विपक्षी नेताओं के बीच बढ़ते तनाव के बाद हो रहे हैं। 7 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक चुनौती दी थी।

कुमार ने राहुल गांधी से कहा कि वे आयोग के खिलाफ लगाए गए अपने आरोपों के संबंध में शपथ पत्र (affidavit) के जरिए सबूत पेश करें या फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उनका तर्क था कि बिना सबूत के लगाए गए दावे लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करते हैं।

इसी दिन राहुल गांधी ने जवाब देते हुए अपने आरोपों को दोहराया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘अवैध चुनाव आयुक्त’ बताया और अनुराग ठाकुर जैसे लोगों से जुड़े विवादों को संभालने के तरीके पर आयोग पर सवाल उठाए।

कॉकरोच जनता पार्टी की प्रमुख मांगें

इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपनी मांगों की एक सूची सामने रखी है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।

CJP की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा।
  • वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में हुई कथित गड़बड़ियों की जांच।
  • 2025 की चुनावी मतदाता सूची (electoral rolls) को फ्रीज करना।
  • चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाना।

प्रशासनिक बाधाएं और विपक्षी दलों की रणनीति

एक तरफ जहां इस आंदोलन की रफ्तार बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक मुश्किलें भी सामने आ रही हैं। 2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी।

पुलिस ने इस इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है ताकि किसी भी तरह के प्रदर्शन को रोका जा सके। इन पाबंदियों के बावजूद कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) जैसे विपक्षी दल आगे की रणनीति बना रहे हैं।

विपक्षी दल अब देशव्यापी स्तर पर तालमेल बिठा रहे हैं। वे चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायतों को उठाने के लिए विधानसभा स्तर पर मार्च निकालने और प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की योजना बना रहे हैं।

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