आगरा पुलिस ने एक सरकारी राजस्व अधिकारी लेखपाल शिवजीत भदौरिया को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक युवती के अपहरण, आत्महत्या के लिए उकसाने और सबूत मिटाने के मामले में की गई है।
यह युवती एम.एम. गेट इलाके से एक हफ्ते से लापता थी। मंगलवार को युवती का शव इटावा के बधपुरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में यमुना नदी से बरामद हुआ था।
पुलिस के मुताबिक, मृतका एम.एम. गेट पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत नूरी दरवाजा इलाके की रहने वाली एक छात्रा थी। उसका लेखपाल शिवजीत भदौरिया के साथ संबंध था, जो फतेहबाद तहसील में तैनात था।
शादी के वादे और विवाद की वजह
शिवजीत भदौरिया ने युवती को शादी का वादा किया था, जिसके बाद उनके बीच संबंध बने। हालांकि, इसी साल मई के महीने में दोनों के बीच तनाव बढ़ गया क्योंकि आरोपी ने किसी दूसरी महिला से शादी कर ली थी।
आरोपी की पत्नी को उसके मोबाइल फोन पर युवती की तस्वीरें मिली थीं, जिसके बाद पत्नी और भदौरिया के बीच टकराव हुआ। इस विवाद के बाद भदौरिया ने युवती से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।
घटना से पहले युवती ने एक बार आत्महत्या की कोशिश भी की थी। उस समय उसके परिवार के सदस्यों ने उसे बचा लिया था।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
युवती का शव मिलने के बाद एम.एम. गेट पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी शिवजीत भदौरिया को पकड़ लिया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सिटी जोन) मनोज कुमार यादव ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के नतीजों के आधार पर मौजूदा केस में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
यह पूरी कार्रवाई आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार (IPS) के निर्देशों के तहत की गई है। पुलिस ने इसे अपराधियों के खिलाफ अपनाई गई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा बताया है।

























